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CAG: सीएजी रिपोर्ट का दावा, कालेश्वरम है आर्थिक रूप से कमजोर, 1.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत
Fri, 16 Feb 2024 06:19 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Fri, 16 Feb 2024 06:19 AM IST
सार
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक नई रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया कि दुनिया की सबसे बड़ी मल्टी-स्टेज लिफ्ट सिंचाई परियोजना के रूप में चर्चित कालेश्वरम परियोजना की लागत अब 1.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।
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- फोटो : a
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विस्तार
तेलंगाना की कालेश्वरम परियोजना पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने एक निराशाजनक रिपोर्ट पेश की है। इसमें कहा गया है कि यह शुरू से ही आर्थिक रूप से किसी भी काम की नहीं थी। इसमें भारी लागत वृद्धि, ठेकेदारों को मिलने वाले संभावित अनुचित लाभ और इसमें शामिल खराब योजना का विवरण दिया गया है।
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक नई रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया कि दुनिया की सबसे बड़ी मल्टी-स्टेज लिफ्ट सिंचाई परियोजना के रूप में चर्चित कालेश्वरम परियोजना की लागत अब 1.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। लेकिन, केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने अनुमान लगाया है कि यह 81,911 करोड़ रुपये है।
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पिछली बीआरएस सरकार की प्रमुख परियोजना के प्रदर्शन ऑडिट पर सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की गई थी। सीएजी ने यह भी पाया कि यह परियोजना शुरू से ही आर्थिक रूप से अलाभकारी थी। खासकर पिछले साल मेदिगड्डा बैराज के कुछ घाटों के डूबने के बाद कालेश्वरम परियोजना विवादों में घिर गई है।
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चुनाव में हार का कारण माना जा रहा बैराज में नुकसान
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) ने नवंबर में पाया कि मेडीगड्डा बैराज गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। जब तक इसे पूरी तरह से पुनर्निर्मित नहीं किया जाता तब तक यह बेकार हो जाता है। हाल के विधानसभा चुनावों में बीआरएस की हार का एक बड़ा कारण बैराज को हुए नुकसान को माना जा रहा है।
क्या है कालेश्वर परियोजना
बता दें कि कालेश्वरम परियोजना तत्कालीन अविभाजित आंध्र प्रदेश राज्य द्वारा तैयार की गई डॉ. बी आर अंबेडकर प्राणहिता-चेवेल्ला सुजला श्रवणथी लिफ्ट सिंचाई योजना (पीसीएसएस परियोजना) की एक शाखा है।
सीएजी रिपोर्ट के कार्यकारी सारांश में कहा गया है कि तेलंगाना सरकार ने पूरी परियोजना के लिए प्रशासनिक मंजूरी नहीं दी है। इसके बजाय अलग-अलग मंजूरी जारी की है।
क्या कहती है रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना (मार्च 2022) पर किए गए 86,788.06 करोड़ रुपये के कुल व्यय में से, 55,807.86 करोड़ रुपये (64.3 प्रतिशत) का व्यय KIPCL (कालेश्वरम सिंचाई परियोजना निगम लिमिटेड) द्वारा उठाए गए ऑफ-बजट उधार (ओबीबी) से पूरा किया गया था।
इसके साथ ही परियोजना का लाभ-लागत अनुपात (बीसीआर) बढ़ा दिया गया था। 81,911.01 करोड़ रुपये की कम बताई गई परियोजना लागत के साथ भी, बीसीआर 0.75 बैठता है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि नवीनतम संभावित परियोजना लागत (1,47,427.41 करोड़ रुपये) को ध्यान में रखते हुए, बीसीआर 0.52 बैठता है।