85 साल के बुजुर्ग से चीन को आखिर दिक्कत क्या है? जानिए दलाई लामा के बारे में सबकुछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 06 Jul 2020 06:46 PM IST
विज्ञापन
दलाई लामा
दलाई लामा - फोटो : ट्विटर

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

बताते हैं कि साल 1409 में जे सिखांपा ने एक स्कूल की स्थापना की थी, जिसका नाम था जेलग। इसके माध्यम से बौद्ध धर्म का प्रचार किया जाता था। यह जगह भारत और चीन के बीच थी, जिसे अब तिब्बत के नाम से जाना जाता है। इसी स्कूल के एक छात्र थे गेंदुन द्रुप, जो आगे चलकर पहले दलाई लामा बने। 

विस्तार

दुनिया भर में कई ऐसी शख्सियतें हुईं है जिन्होंने अपने व्यक्तित्व से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं दलाई लामा। दलाई लामा बौद्ध मतावलंबियों के धर्मगुरु हैं। आज 14वें दलाई लामा का जन्मदिन है। वर्तमान दलाई लामा आज 85 साल के हो गए हैं। 61 साल पहले चीन की वजह से तिब्बत छोड़ने वाले दलाई लामा तब से भारत में ही रह रहे हैं। 
विज्ञापन

चीन और दलाई लामा के बारे में बात करने से पहले यह जान लेते हैं कि दलाई लामा और लामा क्या हैं और इनमें अंतर क्या है। दरअसल लामा का अर्थ होता है बौद्ध साधु। जीवन का सच खोजना यानी असली ज्ञान पाना इनका लक्ष्य होता है, जिसके लिए यह कड़ा तप करते हैं। वहीं, दलाई लामा लामाओं में सबसे उच्च होते हैं। बौद्ध मान्यता है कि दलाई लामा हर बार मृत्यु के बाद पुनर्जन्म लेते हैं। और उन्हें ही दोबारा दलाई लामा चुना जाता है। 
दरअसल, बौद्ध मान्यता के अनुसार दलाई लामा कभी मरते नहीं। वह पुनर्जन्म लेते हैं। माना जाता है कि किसी दलाई लामा की मृत्यु के बाद उनका पुनर्जन्म होता है। धर्म अधिकारी नए दलाई लामा की खोज करते हैं और उसे ही अगला दलाई लामा नियुक्त किया जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दलाई लामा का चयन नहीं किया जाता बल्कि उन्हें खोजा जाता है। दलाई लामा की खोज का जिम्मा गेलगुपा परंपरा के अनुसाल उच्च लामाओं और तिब्बत सरकार का है। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

चुने नहीं जाते, खोज की जाती है

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us