Cyclone Yaas: ओडिशा के केंद्रपाड़ा में भारी बारिश, कलकत्ता हाईकोर्ट में दो दिन सुनवाई टली
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और ओडिशा के केंद्रपाड़ा में भारी बारिश शुरू हो गई है। इसके अगले 24 घंटे में भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समुद्र और तटवर्ती क्षेत्रों से लोगों के बचाव के साथ समेत चक्रवात यास को लेकर तैयारियों की सोमवार को समीक्षा की।
विस्तार
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान 'यास' में बदल गया है और इसके अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद 26 मई को ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से गुजरने का अनुमान है। वहीं ताजा जानकारी के अनुसार ओडिशा के केंद्रपाड़ा में भारी बारिश शुरू हो गई है।
#WATCH | Heavy rain lashes Kendrapada in Odisha ahead of #CycloneYaas pic.twitter.com/uqk18rGFB3
— ANI (@ANI) May 24, 2021विज्ञापन
जानिए अपडेट -
कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टलीतूफान यास के मद्देनजर कलकत्ता हाईकोर्ट ने 26 और 27 मई को सूचीबद्ध सभी सुनवाई को टाल दिया है।
मैदान के क्लबों के मैदानकर्मियों को ईडन पर मिलेगी जगह
बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) ने सोमवार को कहा कि चक्रवात यास जब शहर में प्रवेश करेगा तो ईडन गार्डन्स की गैलरियों के नीचे कोलकाता मैदान के क्लबों के मैदानकर्मियों को रखने का अस्थाई इंतजाम किया जाएगा। भीषण चक्रवातीय तूफान के वर्ग में रखे गए यास के बुधवार शाम कोलकाता में दाखिल होने का अनुमान है और इस दौरान 150 किमी प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा में एनडीआरएफ द्वारा चक्रवात यास संभावित क्षेत्र से लोगों को निकाला जा रहा है। यहां से 50 लोगों को अब तक निकाला जा चुका है और उन्हें चक्रवात केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
दबाव का क्षेत्र ओडिशा के पारादीप से 520 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार दोपहर दबाव का क्षेत्र ओडिशा के पारादीप से 520 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिणपूर्व था तथा इसके बाद यह उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ेगा और फिर पश्चिम बंगाल तट पर पहुंचेगा। इसके अलावा यह 26 मई को दोपहर में बालासोर के आसपास पारादीप और सागर द्वीप के तट से टकराकर बहुत खतरनाक चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा।
एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवात पर नजर रखने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सचिवालय नबन्ना में नियंत्रण कक्ष खोले हैं। उन्होंने बताया कि तटीय जिलों पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण तथा उत्तर 24 परगना, हावड़ा तथा हुगली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां कुछेक स्थानों पर 25 मई से भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
अमित शाह ने चक्रवात यास पर समीक्षा की
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समुद्र और तटवर्ती क्षेत्रों से लोगों के बचाव के साथ कोविड-19 अस्पतालों की सुरक्षा समेत चक्रवात यास को लेकर तैयारियों की सोमवार को समीक्षा की। गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में स्थित ऑक्सीजन उत्पादन केंद्रों पर चक्रवात के संभावित असर को लेकर भी चर्चा की और राज्य सरकारों को इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
मौसम विभाग के मुताबिक 26 मई को झारग्राम, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण तथा उत्तर 24 परगना, हावड़ा तथा हुगली और कोलकाता में जयादातर जगहों पर हल्का से मध्यम और एक या दो स्थानों पर भारी से ले कर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है।
ओडिशा में सरकार और प्रशासन अलर्ट
ओडिशा सरकार ने बचाव दलों को तैनात किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने की योजना बना रही है।
विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने बताया कि ओडिशा सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल और दमकल सेवा कर्मियों को तैनात किया है। उसका अनुमान है कि बालासोर तथा भद्रक जिलों में चक्रवात का बहुत अधिक असर हो सकता है।
मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया, 'ओडिशा के चार तटीय जिले बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा तथा जगतसिंहपुर इस चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित हो सकते हैं।'
उन्होंने बताया कि 120-165 प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और ओडिशा में भारी बारिश होगी। जेना ने बताया कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन
को योजना बनाने को कहा गया है।
'यास’ तूफान के दौरान ऑक्सीजन संयंत्रों की नहीं होगी कमी: एनडीआरएफ
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अपने बचाव दलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लगे देश के बड़े चिकित्सकीय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र चक्रवात ‘यास’ के दौरान भी चलते रहें और काम करते रहें।
चक्रवात को लेकर गृह मंत्री शाह की बैठक
यास तूफान को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं । बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सेना के कुछ सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं।
Union Home Minister Amit Shah holds meeting via video conference with the chief ministers of Odisha
— ANI (@ANI) May 24, 2021
Andhra Pradesh, West Bengal and the Lieutenant Governor of Andaman and Nicobar Islands to review preparations in view of #CycloneYaas pic.twitter.com/KKdQVek6ie
पीएम मोदी ने अधिकारियों से की बात
वहीं तफान यास को लेकर पीएम ने जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने को कहा है। प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को राज्यों के साथ निकट सहयोग के साथ काम करने की अपील की है। उन्होंने सभी विभागों को बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क में कटौती का समय कम करने और बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क की तेजी से बहाली के निर्देश दिए।
पश्चिमी तट पर भी सात जहाज तैयार
भारतीय तटरक्षक बल भी तटीय इलाकों में लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। वहीं, मानवीय मदद के लिए सात जहाज और आपदा राहत टीमों को पश्चिमी तट पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
तेल प्रतिष्ठान सुरक्षित रखने और बिजली बहाली के लिए उठाए गए कदम
पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा समुद्र में सभी तेल प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखने तथा जहाजों को सुरक्षित बंदरगाह पर लाने के कदम उठाए गए हैं। बिजली मंत्रालय ने आपात प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय कर दी है और ट्रांसफॉर्मरों और संबंधित उपकरणों को तैयार रखा है, ताकि बिजली की फौरन बहाली की जा सके। दूरसंचार मंत्रालय टावरों और एक्सचेंजों पर निरंतर निगरानी रखे हुए है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित होने वाले राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रभावित इलाकों में कोविड की स्थिति से निपटने के लिए परामर्श जारी किया है।