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Cyclone Remal : बांग्लादेश पहुंचा 'रेमल', भारी बारिश, तूफान और भूस्खलन से सात की मौत, लाखों घरों की बिजली गुल

Mon, 27 May 2024 01:05 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा झा Updated Mon, 27 May 2024 01:05 PM IST
सार

रविवार आधी रात को भूस्खलन के बाद 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग की माने तो मौसम प्रणाली सुबह 5.30 बजे सागर द्वीप से 150 किमी उत्तर पूर्व में थी। 

बांग्लादेश के तटों पर भीषण चक्रवात 'रेमल' के कारण अब तक सात लोगों की मौत हो गई। लाखों लोगों के घरों की बिजली गुल है। वहीं 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं और तूफान से सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं। 

 

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Cyclone Remal: Cyclone reaches Bangladesh, 7 dead due to heavy rain, storm, landslides, power cut to lakhs of
चक्रवाती तूफान रेमल का खतरा बढ़ा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बांग्लादेश के तटों पर भीषण चक्रवात 'रेमल' के कारण अब तक सात लोगों की मौत हो गई। लाखों लोगों के घरों की बिजली गुल है। वहीं 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं और तूफान से सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं।
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मौसम विभाग ने बताया कि 'रेमल' सोमवार को चक्रवाती तूफान में बदल गया। रविवार आधी रात को भूस्खलन के बाद 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग की माने तो मौसम प्रणाली सुबह 5.30 बजे सागर द्वीप से 150 किमी उत्तर पूर्व में थी। वही मूसलाधार बारिश लेकर आई। अब उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गई। बता दें कि रेमल इस साल के मानसून सीज़न से पहले बंगाल की खाड़ी में पहला चक्रवात है, जो जून से सितंबर तक चलता है। 
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चक्रवात के साथ तेज़ हवाएं चली और भारी बारिश हुई। इस कारण बारिसल, भोला, पटुआखली, सतखिरा और चट्टोग्राम सहित कई क्षेत्र प्रभावित हुए। वहीं पटुआखली में एक व्यक्ति अपनी बहन और चाची के साथ तूफान में बह गया। वहीं सतखिरा में तूफान से बचने के दौरान गिरने से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं बारिशाल, भोला और चट्टोग्राम में पांच लोग मारे गए। मोंगला में एक ट्रॉलर डूब गया, जिससे एक बच्चे समेत दो लोग लापता हो गए।

संवेदनशील इलाके किए गए खाली, स्कूल कराए बंद
रविवार को बांग्लादेश ने लगभग 8,00,000 लोगों को संवेदनशील इलाकों से निकाला। बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन और राहत के कनिष्ठ मंत्री मोहिबुर रहमान ने कहा कि निकाले गए लोगों को 9,000 चक्रवात आश्रयों तक ले जाने के लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। सरकार ने अगली सूचना तक क्षेत्र के सभी स्कूलों को भी बंद कर दिया है।

बांग्लादेश ने दक्षिणपूर्वी शहर चट्टोग्राम में हवाई अड्डे को बंद कर दिया। कॉक्स बाज़ार से आने-जाने वाली सभी घरेलू उड़ानें रद्द कर दीं। बांग्लादेश ने चटगांव में देश के सबसे बड़े मुख्य बंदरगाह में लोडिंग और अनलोडिंग को भी निलंबित कर दिया। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक जहाजों को घाट से गहरे समुद्र में स्थानांतरित कर दिया।

1.5 करोड़ लोगों की बिजली गुल
ग्रामीण बिजली प्राधिकरण ने 'रेमल' के नुकसान को कम करने के लिए तटीय क्षेत्रों में 1.5 करोड़ लोगों की बिजली काट दी है। कुछ इलाकों में बिजली कटौती 12 घंटे से अधिक रही। हालांकि बिजली कर्मचारी तूफान कम होने के बाद कनेक्शन बहाल करने की तैयारी में हैं। बांग्लादेश ग्रामीण विद्युतीकरण बोर्ड के मुख्य अभियंता (योजना और संचालन) विश्वनाथ सिकदर ने कहा कि तटीय इलाकों में सुबह 9:45 बजे तक तूफान जारी था।

उत्तर की ओर बढ़ा चक्रवात रेमल
मौसम कार्यालय के अनुसार, चक्रवात रेमल तट को पार करते हुए उत्तर की ओर बढ़ गया है। वर्तमान में चक्रवात कोइरा के पास स्थित है। बांग्लादेश के मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात के उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है। अगले 2-3 घंटों के भीतर बारिश में वृद्धि होगी और कम तीव्रता होगी। भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि रविवार आधी रात के आसपास भूस्खलन के बाद 'रेमल' में 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। सोमवार सुबह हवा के झोंकों के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने से बांग्लादेश का अधिकांश हिस्सा तूफान प्रभावित है।


संकेत संख्या फैलाने की दी सलाह
पूर्वानुमान और बढ़ती जन जागरूकता के बावजूद, कमजोर तटबंध चक्रवात की ताकत का सामना करने में विफल रहे। जिस कारण से कई गांव जलमग्न हुए। मौसम कार्यालय के अनुसार तटीय इलाकों में 5 से 6 फीट तक ऊंची लहरें उठीं। जिस कारण विनाश और बढ़ गया। न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, तूफान के कारण रविवार को अधिकारियों को देश के तीन बंदरगाहों और दूसरे सबसे बड़े शहर चैटोग्राम में हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा। पायरा और मोंगला के समुद्री बंदरगाहों को बड़े खतरे का संकेत संख्या 10 फहराते रहने की सलाह दी गई है।

ढाका के आसपास के इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं जारी हैं। उत्तरी बंगाल की खाड़ी और गहरे समुद्र में चलने वाली मछली पकड़ने वाली नौकाओं और ट्रॉलरों को अगली सूचना तक बंदरगाह में सुरक्षित रहने की सलाह दी। बांग्लादेश ने तटीय क्षेत्रों में अधिकांश स्कूलों को चक्रवात आश्रयों के रूप में डिजाइन किया है। साथ ही लोगों को बाढ़ के दौरान शरण लेने में सक्षम बनाने के लिए संरचनाओं को समर्पित किया है। इनमें से कई बहुमंजिला सुविधाओं में मवेशियों को आश्रय देने के लिए भी जगह है। अधिकारियों ने कहा कि निचले इलाके भशान चार द्वीप पर, जो म्यांमार से आए 36,000 रोहिंग्या शरणार्थियों का घर है, 57 चक्रवात केंद्र तैयार किए गए थे।
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