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Cyclone Jawad Path: आंध्र-ओडिशा के तटों की तरफ बढ़ रहा ‘जवाद’, 65 ट्रेनें रद्द, परीक्षाएं भी टलीं

एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 03 Dec 2021 10:26 PM IST

सार

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक क्षेत्र बन रहा है जो चक्रवात जवाद में बदल कर 4 दिसंबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश-ओडिशा के तट से टकरा सकता है।
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

बंगाल की खाड़ी बने निम्न दबाव वाला क्षेत्र शुक्रवार दोपहर को चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ में तब्दील हो गया और इसके रविवार दोपहर को ओडिशा के पुरी तट से टकराने के आसार हैं। एनडीआरएफ ने बचाव व राहत कार्य के लिए 64 टीमों को इस चक्रवात से निपटने के लिए तैयार रखा है। इस चक्रवात को जवाद नाम सऊदी अरब ने दिया है। जानिए अब तक का अपडेट- 

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परीक्षाएं दोबारा शेड्यूल की गईंं
4 दिसंबर को ओडिशा और आंध्र प्रदेश में जवाब तूफान के मद्देनजर जारी रेड अलर्ट के कारण यूजीसी नेट दिसंबर 2020 और जून 2021 की 5 दिसंबर को होने वाली परीक्षाओं को दोनों राज्यों में दोबारा शेड्यूल किया गया है। संशोधित डेटाशीट बाद में अपलोड की जाएगी।


वहीं, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम (आंध्र), भुवनेश्वर, संबलपुर, कटक (ओडिशा) और कोलकाता, दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) में 5 दिसंबर को होने वाली भारतीय विदेश व्यापार संस्थान की एमबीए (आईबी) 2022-24 की प्रवेश परीक्षा की दोबारा शेड्युलिंग स्थगित कर दी गई है। संशोधित तिथि बाद में घोषित की जाएगी। 

शनिवार सुबह तक यह आंध्र प्रदेश और ओडिशा
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा के मुताबिक ‘जवाद’ उत्तरी आंध्र प्रदेश पर बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य तट की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह तक यह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के निकट पहुंचेगा और इसके बाद उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर मुड़ता हुआ 5 दिसंबर को पुरी तट से टकराएगा। इसके कारण आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट और ओडिशा के दक्षिणी तट पर शुक्रवार शाम से भारी बारिश शुरू होगी, जो शनिवार को और बढ़ सकती है। इस दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलेंगी जो शनिवार शाम तक 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाएंगी।
एनडीआरएफ महानिदेशक अतुल करवल ने कहा, हम चक्रवात की चाल पर नजर बनाए हुए हैं। 46 टीमों को अधिक खतरे वाले प्रदेशों में मोर्चे पर तैनात कर दिया गया है। इनमें 19 पश्चिम बंगाल, 17 ओडिशा और 19 टीमें आंध्र प्रदेश में हैं, वहीं सात तमिलनाडु और दो टीमों को अंडमान निकोबार में तैनात की गई हैं। इसके अलावा 18 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

इन जगहों के लिए रेड अलर्ट मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजियानगरम और विशाखापत्तनम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ओडिशा के गजापट्टी, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है। चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल में शनिवार-रविवार और असम मेघालय व त्रिपुरा में रविवार-सोमवार को कुछ इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने मध्य एवं उत्तरी बंगाल की खाड़ी में रविवार तक मछुआरों को न जाने की सलाह दी है।

कोनार्क फेस्टिवल रद्द
मौसम विभाग की रिपोर्ट और स्पेशल रिलीफ कमीशन के दिशा-निर्देश के मुताबिक, जवाद ओडिशा के तट पर पहुंच रहा है। हम दुख के साथ यह बताना चाहते हैं कि कोनार्क फेस्टिवल और इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। दोनों ही कार्यक्रम कोनार्क में होने थे। ओडिशा पर्यटन विभाग की ओर से यह बताया गया है। 

65 ट्रेनें रद्द
चक्रवाती तूफान जवाद की वजह से रेलवे ने बड़ा फैसला किया है। इसके मद्देनजर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले से 3 और 4 दिसंबर को 65 ट्रेनें नहीं चलेंगी। शुक्रवार को पूर्वी तट रेलवे ने यह जानकारी दी। पूर्वी तट रेलवे के शीर्ष अधिकारी एके त्रिपाठी ने बताया कि चक्रवात जवाद के चलते इन सभी ट्रेनों को रद्द किया गया है।



4 दिसंबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट से टकराने की संभावना
आईएमडी अमरावती निदेशक स्टेला सैमुअल ने कहा कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है और अगले 6 घंटों में एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके 4 दिसंबर की सुबह तक उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट पर पहुंचने की संभावना है। 

इसके बाद के 24 घंटों के दौरान उत्तर, उत्तर-पूर्व की ओर और ओडिशा तट के साथ आगे बढ़ने की संभावना है। अधिकतम हवा की गति 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 100 किमी प्रति घंटे तक होगी। पेड़ और बिजली के खंभे के उखड़ने की संभावना है।  

स्टेला ने कहा कि उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जाती है क्योंकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर 90 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। किसानों से अनुरोध है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा करें। निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहना चाहिए। आंधी हवा के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए क्योंकि भूस्खलन होने की संभावना है। 

कैबिनेट सचिव ने की बैठक 
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने चक्रवाती तूफान जवाद से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने एनसीएमसी को उनके द्वारा किए गए इंतजामों की जानकारी दी। बताया गया कि समुद्र से मछुआरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

चक्रवात से बचने के लिए जगहों को तैयार कर लिया गया है और निचले इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है। खाद्यान्न, पेयजल और अन्य आवश्यक आपूर्ति का स्टॉक करने के लिए सभी कार्रवाई की गई है।एनडीआरएफ ने उन राज्यों में पर्याप्त संख्या में टीमें तैनात की हैं जो प्रभावित होंगी और अतिरिक्त टीमें तैयार हैं। सेना और नौसेना के बचाव और राहत दल जहाजों और विमानों के साथ आवश्यकतानुसार तैनाती के लिए तैयार हैं।

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