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Cyclone Ditwah: कमजोर पड़ा दित्वाह, लेकिन तमिलनाडु-पुडुचेरी में बारिश जारी, 10 उड़ानें रद्द
Tue, 02 Dec 2025 05:33 AM IST
लव गौर
एजेंसी
एजेंसी
Published by: लव गौर
Updated Tue, 02 Dec 2025 05:33 AM IST
सार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों, उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर गहरे दबाव में बदला चक्रवाती तूफान दित्वाह पिछले 6 घंटों के दौरान 3 किमी प्रति घंटे की गति से धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ा।
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चक्रवात दित्वाह से श्रीलंका में तबाही
- फोटो : ANI
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विस्तार
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान दित्वाह तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पास पहुंचकर कमजोर पड़ गया है। इसके और कमजोर पड़ने और निम्न दबाव में बदले की संभावना है। लेकिन इसके प्रभाव से सोमवार को भी तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रही, जिसके चलते कई इलाकों में जलभराव का संकट पैदा हो गया है। बारिश के कारण चेन्नई हवाईअड्डे से 10 उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों, उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर गहरे दबाव में बदला चक्रवाती तूफान दित्वाह पिछले 6 घंटों के दौरान 3 किमी प्रति घंटे की गति से धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ा। यह चेन्नई से लगभग 50 किमी पूर्व, पुडुचेरी से 140 किमी उत्तर-पूर्व, कुड्डालोर से 160 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 170 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और आसपास के दक्षिण-पश्चिम और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर केंद्रित है। बारिश से हजारों लोग प्रभावित...जीसीपी ने बताया कि चक्रवात के कारण चेन्नई में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं। सोमवार को 83,600 अन्य लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया।
उत्तर की ओर बढ़कर कमजोर पड़ेगा
आईएमडी ने बताया कि उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों से चक्रवात के केंद्र की न्यूनतम दूरी लगभग 35 किमी है। इसके धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। अगले 12 घंटों में यह कमजोर पड़कर दबाव में बदल सकता है। इसके प्रभाव से, सोमवार को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर और अन्य जिलों में भारी बारिश हुई। चेन्नई में तेज हवाएं चलीं, ज्वार-भाटा भी आया।
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आपता से निपटने की तैयारी
भले ही, दित्वाह के कमजोर पड़ने से तमिलनाडु या पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान की आशंका नहीं है। इसके बावजूद, इसके प्रभाव से हो रही बारिश को देखते हुए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीपी) ने व्यापक तैयारियां की है। किसी भी आपात स्थिति में निचले इलाकों में बचाव कार्यों के लिए 103 नावें तैयार रखी हैं।
श्रीलंका में फंसे शेष भारतीय भी लाए गए
दित्वाह के कारण श्रीलंका में फंसे शेष भारतीयों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे 104 भारतीय यात्रियों का अंतिम जत्था सुबह करीब 6:30 बजे भारतीय वायुसेना के विमान से तिरुवनंतपुरम पहुंचा। इससे पहले, भारतीय वायुसेना के परिवहन विभानों से 300 से अधिक भारतीयों को कोलंबो से सुरक्षित वापस लाया गया था।
ये भी पढ़ें: Flight: भारत ने PAK को एयरस्पेस न देने की खबरें की खारिज, श्रीलंका के लिए मानवीय उड़ान को मिली तेज मंजूरी
भारत का श्रीलंका में बचाव अभियान जारी
उच्चायोग ने बताया कि कोलंबो के बचाव अभियान में भारत ने अपनी सहायता बढ़ा दी। आईएनएस विक्रांत के चेतक हेलिकॉप्टरों ने कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने कोटमाले में तलाशी अभियान चलाया, जो भूस्खलन और बाढ़ के कारण सड़क मार्ग से न पहुंचने वाला सबसे अधिक प्रभावित मध्य पहाड़ी क्षेत्र है।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों, उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर गहरे दबाव में बदला चक्रवाती तूफान दित्वाह पिछले 6 घंटों के दौरान 3 किमी प्रति घंटे की गति से धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ा। यह चेन्नई से लगभग 50 किमी पूर्व, पुडुचेरी से 140 किमी उत्तर-पूर्व, कुड्डालोर से 160 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 170 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और आसपास के दक्षिण-पश्चिम और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर केंद्रित है। बारिश से हजारों लोग प्रभावित...जीसीपी ने बताया कि चक्रवात के कारण चेन्नई में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं। सोमवार को 83,600 अन्य लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया।
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उत्तर की ओर बढ़कर कमजोर पड़ेगा
आईएमडी ने बताया कि उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों से चक्रवात के केंद्र की न्यूनतम दूरी लगभग 35 किमी है। इसके धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। अगले 12 घंटों में यह कमजोर पड़कर दबाव में बदल सकता है। इसके प्रभाव से, सोमवार को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर और अन्य जिलों में भारी बारिश हुई। चेन्नई में तेज हवाएं चलीं, ज्वार-भाटा भी आया।
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आपता से निपटने की तैयारी
भले ही, दित्वाह के कमजोर पड़ने से तमिलनाडु या पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान की आशंका नहीं है। इसके बावजूद, इसके प्रभाव से हो रही बारिश को देखते हुए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीपी) ने व्यापक तैयारियां की है। किसी भी आपात स्थिति में निचले इलाकों में बचाव कार्यों के लिए 103 नावें तैयार रखी हैं।
श्रीलंका में फंसे शेष भारतीय भी लाए गए
दित्वाह के कारण श्रीलंका में फंसे शेष भारतीयों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे 104 भारतीय यात्रियों का अंतिम जत्था सुबह करीब 6:30 बजे भारतीय वायुसेना के विमान से तिरुवनंतपुरम पहुंचा। इससे पहले, भारतीय वायुसेना के परिवहन विभानों से 300 से अधिक भारतीयों को कोलंबो से सुरक्षित वापस लाया गया था।
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भारत का श्रीलंका में बचाव अभियान जारी
उच्चायोग ने बताया कि कोलंबो के बचाव अभियान में भारत ने अपनी सहायता बढ़ा दी। आईएनएस विक्रांत के चेतक हेलिकॉप्टरों ने कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने कोटमाले में तलाशी अभियान चलाया, जो भूस्खलन और बाढ़ के कारण सड़क मार्ग से न पहुंचने वाला सबसे अधिक प्रभावित मध्य पहाड़ी क्षेत्र है।