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'तितली' ने दिखाया प्रचंड रूप: स्कूल- कॉलेज बंद, ट्रेन की आवाजाही पर भी रोक
भाषा, भुवनेश्वर
Updated Wed, 10 Oct 2018 02:39 PM IST
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बंगाल की खाड़ी पर बन रहे दबाव के कारण आए चक्रवाती तूफान 'तितली' ने बुधवार को प्रचंड रूप ले लिया और अब यह ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। इस चक्रवाती तूफान की वजह से ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश भी हुई है।
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भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवातीय तूफान के 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गुरुवार सुबह तक ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के कलिंगापत्तनम के बीच पहुंचने की संभावना है।
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तितली चक्रवात को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था की है। मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाधी ने सारे स्कूल, कॉलेज और आंगवाड़ी सेंटर 11 और 12 अक्तूबर को बंद करने के आदेश दे दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि तितली बहुत तेजी से दक्षिण ओडिशा की तरफ बढ़ रहा है और उम्मीद है कि सुबह साढ़े पांच बजे यह प्रदेश में भारी उत्पात मचाएगा।
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चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए पांच जिलों के लोगों को जल्द से जल्द इलाका खाली करने का आदेश दिया गया है वहीं किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तैयारी कर रखी है।
वहीं ट्रेन पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। हैदराबाद विशाखापत्तनम की तरफ से आने वाली ट्रेन को आज शाम साढ़े छह बजे के बाद रोक दिया गया है। वहीं आज रात 10 बजे के बाद से किसी भी तरह की ट्रेनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। जबकि आज शाम से हावड़ा और खड़गपुर से आने वाली ट्रेनों को भी भद्रक के बाद रोक दिया गया है।
विभाग ने एक बयान में कहा, 'तितली 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ आगे बढ़ा और उसने प्रचंड चक्रवातीय तूफान का रूप ले लिया और यह ओडिशा में गोपालपुर से करीब 370 किमी. दूर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य क्षेत्र पर मंडरा रहा है।'
इसमें कहा गया कि इसके अगले 18 घंटे के दौरान और प्रचंड रूप लेने की आशंका है। चक्रवात के उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और गुरुवार सुबह तक गोपालपुर और कलिंगापत्तनम के बीच ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट को पार करने की आशंका है।
भुवनेश्वर में मौसम केंद्र के निदेशक एच आर बिस्वास ने बताया कि इसके बाद चक्रवात के ओडिशा पार करके पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ने की संभावना है और उसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा।
तटीय ओडिशा के कुछ इलाकों में बुधवार को बारिश हुई है। मौसम विभाग ने गुरुवार तक कई इलाकों में 'भारी से बहुत भारी वर्षा' और कुछ इलाकों में 'अत्यधिक भारी बारिश' का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग ने मछली पकड़ने के लिए तटों पर न जाने और तट पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। मछुआरों को शुक्रवार तक समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।
ओडिशा सरकार राज्य में भारी बारिश के मद्देनजर बाढ़ की आशंका को लेकर भी सतर्क है। राज्य सरकार ने सभी जिलों में पहले ही हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और निचले इलाकों मे रह रहे लोगों को स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है।
राज्य सरकार ने बुधवार से गजपति, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने के आदेश दिए हैं। बाढ़ की आशंका के चलते 11 अक्टूबर तक करीब 300 मोटरचालित नौकाओं का बंदोबस्त किया गया है।
मुख्य सचिव एपी. पाधी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल के साथ दमकल कर्मियों को विभिन्न जिलों में भेजा गया है।
भुवनेश्वर में मौसम केंद्र के निदेशक एच आर बिस्वास ने बताया कि इसके बाद चक्रवात के ओडिशा पार करके पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ने की संभावना है और उसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा।
तटीय ओडिशा के कुछ इलाकों में बुधवार को बारिश हुई है। मौसम विभाग ने गुरुवार तक कई इलाकों में 'भारी से बहुत भारी वर्षा' और कुछ इलाकों में 'अत्यधिक भारी बारिश' का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग ने मछली पकड़ने के लिए तटों पर न जाने और तट पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। मछुआरों को शुक्रवार तक समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।
ओडिशा सरकार राज्य में भारी बारिश के मद्देनजर बाढ़ की आशंका को लेकर भी सतर्क है। राज्य सरकार ने सभी जिलों में पहले ही हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और निचले इलाकों मे रह रहे लोगों को स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है।
राज्य सरकार ने बुधवार से गजपति, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने के आदेश दिए हैं। बाढ़ की आशंका के चलते 11 अक्टूबर तक करीब 300 मोटरचालित नौकाओं का बंदोबस्त किया गया है।
मुख्य सचिव एपी. पाधी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल के साथ दमकल कर्मियों को विभिन्न जिलों में भेजा गया है।