फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CyberPeace Foundation study reveals Indian educational institutions subjected to over two lakh cyber attacks

अध्ययन: शिक्षण संस्थानों पर दो लाख से अधिक साइबर हमले, चार लाख डाटा में सेंधमारी की कोशिश

Thu, 14 Aug 2025 06:12 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 14 Aug 2025 06:12 AM IST
सार

साइबरपीस फाउंडेशन के महत्वकांक्षी ई-कवच पहल के तहत डेलनेट, रीसिक्योरिटी और ऑटोबोट इन्फोसेक के सहयोग से साइबर खतरों और डिजिटल जोखिमों की तलाश नामक अध्ययन किया गया है। इसकी रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई। इसमें बताया गया कि नौ महीनों में दो लाख से अधिक बार साइबर हमलों और जानकारी में सेंध लगाने की करीब चार लाख कोशिशें हुई हैं।

विज्ञापन
CyberPeace Foundation study reveals Indian educational institutions subjected to over two lakh cyber attacks
साइबर हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

भारतीय शिक्षण संस्थानों पर पिछले नौ महीने में दो लाख से अधिक साइबर हमले हुए हैं, जबकि करीब चार लाख डाटा में सेंधमारी की कोशिश की गई। यह खुलासा साइबरपीस फाउंडेशन के अध्ययन में हुआ है।

विज्ञापन


अध्ययन का मकसद, उच्च शिक्षण संस्थानों, छात्रों, शिक्षकों समेत कर्मियों को अधिकारिक ईमेल, डाटा को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक करना है। फाउंडेशन के महत्वकांक्षी ई-कवच पहल के तहत डेलनेट, रीसिक्योरिटी और ऑटोबोट इन्फोसेक के सहयोग से साइबर खतरों और डिजिटल जोखिमों की तलाश नामक अध्ययन किया गया है। इसकी रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई। इसमें बताया गया कि नौ महीनों में दो लाख से अधिक बार साइबर हमलों और जानकारी में सेंध लगाने की करीब चार लाख कोशिशें हुई हैं।  
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: जश्न-ए-आजादी: इस साल लाल किले पर 5000 विशिष्ट मेहमानों को न्योता; देश की 140 जगहों पर गूंजेगी देशभक्ति की धुन
विज्ञापन
विज्ञापन


सेंधमारी की आशंका पांच गुना अधिक
सल, यहां मजबूत साइबर सुरक्षा वाले समकक्षों की तुलना में जानकारी में सेंधमारी की संभावना पांच गुना अधिक हैं। क्योंकि उल्लंघनों से संकाय का प्रतिरूपण, जासूसी करने के लिए हमले, डीपफेक सामग्री, संवेदनशील शोध डेटा की चोरी और परीक्षा पत्रों का लीक हो सकते हैं। इसलिए समय-समय पर पासवर्ड बदलने और मोबाइल में भी कोई भी ऐप डाउनलोड न करने की अपील की गई। इसके अलावा पासवर्ड अपने नाम और जन्मतिथि के आधार पर न रखने की भी सलाह जारी हुई है। 

ये भी पढ़ें: Weather: बंगाल समेत पांच राज्यों में आकस्मिक बाढ़ का खतरा, बिहार में 25 लाख लोग प्रभावित; हिमाचल में बादल फटा

कमजोर पासवर्ड है कारण
अध्ययन जुलाई, 2023 से अप्रैल, 2024 के बीच किया गया था। इसमें आठ हजार से अधिक विशिष्ट यूज़रनेम और 54,000 विशिष्ट पासवर्ड ‘ब्रूट-फोर्स’ हमलों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। आमतौर पर लक्षित यूजरनेम में ‘रूट’ और ‘एडमिन’ शामिल थे। जबकि ‘123456’ और ‘पासवर्ड’ जैसे कमजोर पासवर्ड का अक्सर इस्तेमाल किया जा रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed