{"_id":"60a7e6b6de5de868195053df","slug":"cyberattack-on-air-india-45-lac-passengers-credit-card-info-passport-details-accessed","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर हमला: एयर इंडिया की सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के सिस्टम हैक, 45 लाख लोगों का डाटा लीक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
साइबर हमला: एयर इंडिया की सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के सिस्टम हैक, 45 लाख लोगों का डाटा लीक
Fri, 21 May 2021 10:28 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 21 May 2021 10:28 PM IST
सार
देश की सरकारी एयर लाइन एयर इंडिया पर साइबर हमला हुआ है। एयर लाइंस के सर्वरों को हैक कर उसमें दर्ज यात्रियों का डाटा चुराने की खबर है।
विज्ञापन
एयर इंडिया
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हैकरों ने एयर इंडिया के पैसेंजर सर्विस सिस्टम प्रोवाइडर एसआईटीए पर घातक साइबर हमला कर 45 लाख यात्रियों की क्रेडिट कार्ड आदि समेत कई तरह की निजी जानकारियां चुरा ली हैं। इनमें कई विदेशी एयरलाइंस समेत बड़ी संख्या में एयर इंडिया के यात्री भी शामिल हैं। एयर इंडिया ने शुक्रवार को बताया कि लीक होने वाले डाटा में यात्रियों के नाम, जन्म तिथि, मोबाइल या फोन नंबर, पासपोर्ट की जानकारी, टिकट की जानकारी और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी शामिल हैं।
विज्ञापन
सरकारी एयरलाइंस ने कहा कि स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित एसआईटीए के सर्वर पर यह साइबर हमला फरवरी के आखिरी सप्ताह में किया गया था, जिसमें 11 अगस्त, 2011 से 3 फरवरी, 2021 के बीच विमान यात्रा करने वाले यात्रियों का डाटा लीक हो गया। एसआईटीए ने डाटा लीक की पहली सूचना 25 फरवरी को दी थी। लेकिन कौन-कौन सा डाटा चुराया गया, इसकी पहचान 25 मार्च से 4 मई के बीच हुई। इस बीच एयरलाइंस को 25 मार्च और 5 अप्रैल को जानकारियां मुहैया कराई गईं। बता दें कि एसआईटीए यात्री सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एयर इंडिया की तरफ से डाटा प्रोसेसर का काम करता है। यात्रियों के डाटा को अपने सर्वर पर आगे सेवाएं देने के लिए सेव करने और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी एसआईटी की ही होती है।
विज्ञापन
19 मार्च को दी थी हमले की शुरुआती जानकारी
एयर इंडिया ने इससे पहले 19 मार्च को भी अपनी वेबसाइट पर इस हमले की आरंभिक जानकारी दी थी। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि अब वह स्थिति की सही जानकारी अपने यात्रियों को देना चाहती है। हमले में एयर इंडिया के स्टार अलायंस और एयर इंडिया फ्रिक्वेंट फ्लायर डाटा को निशाना बनाने के साथ ही क्रेडिट कार्ड डाटा में भी सेंध लगाई गई। हालांकि हमारे डाटा प्रोसेसर ने इसकी पुष्टि की है कि प्रभावित सर्वर पर साइबर हमले के बाद किसी तरह की कोई असामान्य गतिविधि नहीं देखी गई है।
विज्ञापन
यात्रियों को दी पासवर्ड बदलने की सलाह
एयर इंडिया ने कहा, हालांकि हम और हमारा डाटा प्रोसेसर लगातार साइबर सुरक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं, लेकिन हम यात्रियों को भी अपना पासवर्ड बदलने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं ताकि उनके निजी डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
क्रेडिट कार्ड के सीवीवी नंबर की चोरी नहीं
एयर इंडिया ने कहा है कि साइबर हमले में क्रेडिट कार्ड पर लिखे नाम, कार्ड नंबर, एक्सपायर डेट चोरी हो गई हैं, लेकिन डाटा प्रोसेसर के पास कार्ड का सीवीवी नंबर दर्ज नहीं किए जाने से चोरी क्रेडिट कार्ड ब्योरे का इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड में नहीं हो सकता है। हालांकि क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियों को एहतियातन जानकारी दे दी गई है।
साइबर हमले के बाद उठाए कदम
- हमले का शिकार होने वाले सर्वरों को सुरक्षित किया गया
- बाहरी डाटा सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ संपर्क किया गया
- क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियों को जानकारी दी गई
- एयर इंडिया फ्रिक्वेंट फ्लायर प्रोग्राम के पासवर्ड बदले गए
- यात्रियों को भी अपने पासवर्ड बदलने की सलाह दी गई
2011 से 2021 के बीच हुए डाटा लीक
एयर इंडिया के मुताबिक, डाटा हैक करने की घटना 26 अगस्त 2011 से 3 फरवरी 2021 के बीच की है। कंपनी ने कहा कि इसमें उपभोक्ताओं की निजी जानकारियां जिसमें नाम, जन्म तिथि, संपर्क नंबर, पासपोर्ट की जानकारी, टिकट की जानकारी, स्टार अलायंस, एयर इंडिया फ्रिक्वेंट फ्लाइर डाटा (पासवर्ड डाटा प्रभावित नहीं हुआ है) और क्रेडिट कार्ड की जानकारी शामिल है। सरकारी एयर लाइन ने बताया कि उसके डाटा प्रोसेसर से डाटा लीक होने की पहली सूचना 25 फरवरी 2021 को मिली थी। हालांकि कौन-कौन सा डाटा चुराया गया इसकी पहचान 25 मार्च से 4 मई 2021 के बीच हुई।
सीवीवी व सीवीसी नंबर नहीं रखते
कंपनी ने क्रेडिट कार्ड के संबंध में कहा कि हमारे डाटा प्रोसेसर के पास सीवीवी/सीवीसी नंबर नहीं होते हैं। इसके बाद हमारे डाटा प्रोसेसर ने इस बात को सुनिश्चित किया कि प्रभावित सर्वर पर किसी तरह की कोई असमान्य गतिविधि नहीं देखी गई।
कंपनी ने उठाए ये कदम
एयर इंडिया ने कहा कि साइबर हमले की जानकारी मिलने के बाद तुरंत इसकी जांच की गई। हमले से प्रभावित सर्वरों को सुरक्षित किया गया। क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं से संपर्क कर उन्हें इस बारे में जानकारी दी। एयर इंडिया एफएफपी प्रोग्राम के पासवर्ड को रीसेट किया गया।
यात्रियों से पासवर्ड बदलने का अनुरोध
कंपीन ने कहा कि डाटा सुरक्षित रहें इसलिए हमने यात्रियों से कहा है कि वे क्रेडिट कार्ड आदि के पासवर्ड बदल लें। हम हमारे डाटा प्रोसेसर को सुरक्षित करने के और कदम उठाएंगे। यात्रियों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है।