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Hindi News ›   India News ›   Cyber Crime: 1000 rupees will become 1.95 lakh in just 30 days china app scam

ED: केवल 30 दिन में 1000 रुपये हो जाएंगे 1.95 लाख, चीनी नागरिक के इस एप में फंसे निवेशक

Fri, 08 Aug 2025 07:59 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 08 Aug 2025 07:59 PM IST
सार

ईडी की जांच से पता चला कि एक चीनी नागरिक द्वारा लॉन्च किए गए 'दानी दाता एप' एप ने गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किए गए ऐप्स और व्हाट्सएप रेफरल समूहों के माध्यम से सट्टेबाजी और फुटबॉल गेम खेलने के नाम पर धन एकत्र किया।

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Cyber Crime: 1000 rupees will become 1.95 lakh in just 30 days china app scam
cyber crime - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विशेष न्यायालय, पीएमएलए, अहमदाबाद के समक्ष 07.08.2025 को एक अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। यह शिकायत 'दानी दाता ऐप' के संचालकों और 9 अन्य आरोपियों के माध्यम से धोखाधड़ी के मामले में की गई है।

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ईडी ने साइबर अपराध पुलिस स्टेशन, बनासकांठा, गुजरात द्वारा आईपीसी, 1860 के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी व आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई अपराधों के लिए दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। 
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ईडी की जांच से पता चला कि एक चीनी नागरिक द्वारा लॉन्च किए गए 'दानी दाता एप' एप ने गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किए गए ऐप्स और व्हाट्सएप रेफरल समूहों के माध्यम से सट्टेबाजी और फुटबॉल गेम खेलने के नाम पर धन एकत्र किया। भोले-भाले निवेशकों को प्रति गेम 0.75% की गारंटीकृत वापसी का वादा करके लुभाया गया था। ईडी के मुताबिक, यह एक झूठा वादा था। 
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उदाहरण के लिए, 1000 रुपये केवल 30 दिनों में 1.95 लाख रुपये हो जाएंगे, इस वादे के साथ निवेशकों को लुभाया गया। विभिन्न भुगतान एग्रीगेटर्स जैसे एग्रीपे, भारतपे, कैशफ्री, पेटीएम आदि के साथ खोले गए कई मर्चेंट आईडी के माध्यम से धनराशि एकत्र की गई। इस धनराशि को दिसंबर, 2021 से जून, 2022 की अवधि के दौरान, उक्त मर्चेंट आईडी से जुड़े बैंक खातों में जमा कराया गया था।

ईडी ने इस केस में पहले भी तलाशी अभियान चलाया है। विभिन्न मर्चेंट आईडी में उपलब्ध लगभग 20.01 करोड़ रुपये की राशि और उक्त मर्चेंट आईडी से जुड़े बैंक खातों में जमा शेष राशि को जब्त कर लिया है। यह भी पाया गया है कि इस प्रकार अर्जित सैकड़ों करोड़ रुपये की आपराधिक आय को अनगिनत लेनदेन के एक जटिल जाल के माध्यम से नकली संस्थाओं के नाम पर खोले गए बड़ी संख्या में बैंक खातों में स्थानांतरित करके धन शोधन किया गया था। इस आय को अंततः नकद निकासी, विदेशी मुद्रा खरीदकर, क्रिप्टो में परिवर्तित करके और विदेश में भेजकर सिस्टम में एकीकृत किया गया। मामले में आगे की जाँच जारी है।

Cyber Crime: 1000 rupees will become 1.95 lakh in just 30 days china app scam
ED - फोटो : Adobe Stock

 ईडी ने टीचर भर्ती घोटाले में अब पश्चिम बंगाल के इस मंत्री के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, पैसे के बदले जॉब देने का मामला 
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता जोनल कार्यालय ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में विशेष न्यायालय (पीएमएलए), कोलकाता के समक्ष चंद्रनाथ सिन्हा (विधायक और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और कपड़ा और सुधार प्रशासन, पश्चिम बंगाल के प्रभारी मंत्री) के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 6 अगस्त को 6वीं पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज की है। ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर एसीबी,  सीबीआई, कोलकाता द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि प्राथमिक शिक्षक की नौकरी, पैसे के बदले कई अयोग्य और निर्धारित मानदंडों से नीचे के रैंक वाले उम्मीदवारों को दी गई थीं। 

इससे पहले 22 मार्च 2024 को चंद्रनाथ सिन्हा के आवासीय परिसर में छापेमारी की गई थी, जिसमें 41 लाख रुपये की नकदी और अन्य आपत्तिजनक रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। जांच में आगे पता चला कि चंद्रनाथ सिन्हा के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा है। ईडी के अनुसार, राज्य के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं वस्त्र विभाग के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जाँच एजेंसी द्वारा यह चार्जशीट कोलकाता में पीएमएलए की विशेष अदालत में दाखिल की गई है।

इससे पहले, ईडी ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के परिसरों की तलाशी के दौरान 49.80 करोड़ रुपये नकद और 5.08 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण जब्त किए थे। ईडी ने अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पार्थ चटर्जी, विधायक और पश्चिम बंगाल के तत्कालीन शिक्षा मंत्री; सुश्री अर्पिता मुखर्जी, माणिक भट्टाचार्य, विधायक, टीएमसी और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष, कुंतल घोष, शांतनु बनर्जी, अयान सिल और सुजय कृष्ण भद्र शामिल हैं।
 

ऑनलाइन सट्टेबाजी में 1130 खच्चर बैंक खाते फ्रीज, कॉर्पोरेट तरीके से संदिग्ध लोगों को दे रहे थे सट्टेबाजी एप्स की फ्रैंचाइजी   
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल मामले की जांच से संबंधित 80 खच्चर बैंक खातों में पड़ी 14.29 करोड़ रुपये की चल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। जांच से पता चला है कि ऑनलाइन अवैध सट्टेबाजी की आय एकत्र करने के लिए कई खच्चर खातों का इस्तेमाल किया गया था। अवैध सट्टेबाजी की आय कई शेल संस्थाओं के माध्यम से भेजी गई थी। ईडी ने भारतीय दंड संहिता, 1860 और पश्चिम बंगाल जुआ और पुरस्कार प्रतियोगिता अधिनियम, 1957 की विभिन्न धाराओं के तहत सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्तालय, पश्चिम बंगाल द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी। 

ईडी की जांच से पता चला है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स एक औपचारिक कॉर्पोरेट संरचना में काम कर रहे थे। अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के संचालन के लिए किराए के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों को पैनल/फ्रैंचाइज़ी दे रहे थे। सट्टेबाजी ऐप्स में विभिन्न विभाग थे, जैसे ग्राहक अधिग्रहण समूह, उचित कॉल सेंटर, खाता विभाग, ग्राहक जीत निपटान विभाग, आदि जो व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से गुप्त तरीके से संचालित होते थे। उपरोक्त सट्टेबाजी पैनल (क्षेत्र स्तर पर छोटी इकाइयां, जो अवैध सट्टेबाजी संचालन चलाती हैं) अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों पर खरीदे गए थे। जांच में आगे पता चला कि सट्टेबाजी पैनल की खरीद के लिए भुगतान क्रिप्टो करेंसी जैसे यूएसडीटी में भुगतान द्वारा किया गया था। 

इससे पहले, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 03.06.2025 को पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार, यूपी और असम में फैले विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। विशाल भारद्वाज उर्फ बादल भारद्वाज और सोनू कुमार ठाकुर को 03.06.2025 को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पूछताछ के लिए अभिषेक बंसल नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया था। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने इस केस में पहले ही पीएमएलए, 2002 के तहत की गई विभिन्न तलाशियों के दौरान पता लगाए गए 10.20 करोड़ रुपये तक की राशि वाले लगभग 1130 खच्चर बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा, इस मामले में 01.08.2025 को एक अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें 10 आरोपियों को अभियुक्त बनाया गया है। उक्त मामले में एलडी विशेष न्यायालय, पीएमएलए, 2002 द्वारा पूर्व-संज्ञान आदेश जारी किया गया है। केस में ईडी की जांच जारी है।
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