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संकट...अगले 20 साल में विलुप्त हो जाएंगी 500 से ज्यादा प्रजातियां

Wed, 03 Jun 2020 05:55 PM IST
मुकेश कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Wed, 03 Jun 2020 05:55 PM IST
सार

  • प्रकृति से खिलवाड़ ना होता तो 10 हजार साल तक धरती पर रहते ये जानवर

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Crisis: More than 500 species will be extinct in next 20 years
प्रकृति

विस्तार

अगले 20 वर्षों में वन्यजीवों की 500 से ज्यादा प्रजातियों का अस्तित्व नहीं बचेगा। एक ताजा अध्ययन से पता चला है कि धरती पर वन्यजीवों के छठे सामूहिक विलुप्तीकरण का अध्ययन मंडराने लगा है। 

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शोध से जुड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर कुदरत के साथ भयानक इंसानी खिलवाड़ नहीं होता, तो यह वन्यजीव 10 हजार साल तक धरती पर रहते। आज आलम यह है कि सुमात्राई राइनो, विशाल एस्पानोला कछुआ और हार्लेक्विनमेंढक जैसे रीढ़ की हड्डी वाले जमीनी वन्यजीवों की तादाद तो एक हजार से भी कम रह गई है। 
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आंकड़ों के मुताबिक, 77 प्रजातियों की 94 फीसदी आबादी खत्म हो गई है। शोधकर्ताओं ने वन्यजीवों की इस स्थिति के दूरगामी प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि विलुप्तीकरण अपरिवर्तनीय होता है और एक प्रजाति के खत्म होने से उस पर निर्भर दूसरी प्रजाति का अस्तित्व भी खतरे में पड़ना निश्चित है।
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515 प्रजातियों की आबादी एक हजार से भी कम मिली
प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के जर्नल में प्रकाशित इस शोध में 29,400 से ज्यादा रीड़ वाली स्थानीय प्रजातियों के आंकड़ों को खंगाला गया है। इसमें 515 प्रजातियों की आबादी 1 हजार से कम मिली है इनमें से आधी प्रजातियों के तो ढाई सौ जीव ही बचे हैं। वहीं 388 प्रजातियों की आबादी 5000 से नीचे पहुंच गई है। नेशनल ऑटोनॉमस यूनिवर्सिटी ऑफ मैक्सिको में पारिस्थितिकी की जेरारडो सेबलोस गोंजालेज का कहना है कि 2001-2014 के बीच 173 प्रजातियां विलुप्त हुई हैं।


इंसानी भविष्य के लिए जैव विविधता जरूरी
वैज्ञानिकों के अनुसार, मानव के अच्छे स्वास्थ्य और संतुलित पर्यावरण के लिए जैव विविधता बेहद जरूरी है। जब-जब कुदरत के साथ खिलवाड़ होता है। वह अपना कहर बरपाती है। कोरोनावायरस इसका ताजा उदाहरण है। उनका कहना है लगातार बढ़ती इंसानी आबादी के कारण जानवरों के आवास का नष्ट होना, वन्यजीवों की खरीद-फरोख्त, प्रदूषण और जलवायु संकट खतरनाक हुआ है। ऐसे में इंसानी भविष्य के लिए जरूरी है कि इन समस्याओं से तत्काल निपटा जाए।

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