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अनुसूचित जाति-जनजाति के खिलाफ देश में अपराध बढ़े, गृह राज्यमंत्री ने राज्यसभा में किया कुबूल
Wed, 03 Feb 2021 06:55 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 03 Feb 2021 06:55 PM IST
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Rajya Sabha
- फोटो : iStock
देश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं। वर्ष 2019 के आंकड़े पेश करते हुए सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि इस साल अजा के खिलाफ अपराधों में 7.3 फीसदी बढ़ोतरी हुई तो अजजा के खिलाफ 26.5 फीसदी अपराध बढ़े।
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अपराध रोकना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि पुलिस व कानून-व्यवस्था राज्यों का विषय है। संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत अजा-जजा वर्ग के लोगों के खिलाफ अपराध रोकने व उनके जान व माल की हिफाजत करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।
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रेड्डी से पूछा गया था कि नेशनल क्राइम रिकाॅर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की नवीनतम भारत में अपराध रिपोर्ट-2019 के अनुसार अजा-जजा के खिलापफ अपराधों में वृद्धि हुई है? इसके जवाब में उन्होंने उक्त आंकड़ों की पुष्टि की।
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खड़गे ने पूछा था लिखित सवाल
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अजा-जजा के खिलाफ अपराध बढ़ने को लेकर लिखित सवाल पूछा था। जवाब में गृह राज्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकारें ऐसे मामलों से निपटने में सक्षम हैं। केंद्र सरकार अजा-जजा वर्ग के लोगों के संरक्षण के प्रति वचनबद्ध है। इसी इरादे से वर्ष 2015 में अजा-जजा अत्याचार निरोधक कानून 1989 में संशोधन किया गया।
Crimes against members of Scheduled Castes, Scheduled Tribes in country increased by 7.3% & 26.5% respectively in 2019: Centre tells #RajyaSabha
— Press Trust of India (@PTI_News) February 3, 2021