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Shami: ‘शरीयत बीवियों को…’, क्रिकेटर शमी की पत्नी ने SC से लगाई तलाक पर एक समान कानून लाने की गुहार

Tue, 16 May 2023 10:54 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 16 May 2023 10:54 AM IST
सार

हसीन जहां के वकील ने कोर्ट से कहा कि शमी की पत्नी शरीयत कानून में शामिल कठोर प्रथाओं से पीड़ित हैं। तलाक-ए-बिद्दत के अलावा इस कानून में और भी ऐसे तलाक हैं जो पुरुषों को उनकी मनमर्जी से बीवियों को छोड़ने का मौका देते हैं।

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Cricketer Mohammad Shami's Wife HASIN JHAN Requests Supreme Court For Uniform Laws On Divorce
क्रिकेटर शमी की पत्नी ने SC से लगाई तलाक पर एक समान कानून लाने की गुहार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं। बात इतनी बिगड़ गई है कि दोनों तलाक लेना चाहते हैं। अब जहां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि भारत में तलाक के लिए एक जैसा कानून होना चाहिए। साथ ही मुसलमानों में तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक देने की जो परंपरा है, उसे रद्द करना चाहिए। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और केंद्र सरकार के साथ महिला आयोग को भी नोटिस जारी किया है। 

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शमी की पत्नी की ओर से अधिवक्ता दीपक प्रकाश ने याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि हसीन जहां न्यायिक दायरे के बाहर मिलने वाले तलाक-उल-हसन के एकतरफा प्रक्रिया से पीड़ित है। शमी ने उन्हें पिछले साल 23 जुलाई को तलाक-उल-हसन के तहत तलाक का पहला नोटिस भेजा था। हसीन जहां के वकील ने कहा कि शमी की ओर से मिले नोटिस के बाद जहां ने अपने करीबियों से भी संपर्क किया था जो खुद इस तरह के मामलों में फंसे हुए हैं।

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हसीन जहां के वकील ने क्या कुछ कहा

हसीन जहां के वकील ने कोर्ट से कहा कि शमी की पत्नी शरीयत कानून में शामिल कठोर प्रथाओं से पीड़ित हैं। तलाक-ए-बिद्दत के अलावा इस कानून में और भी ऐसे तलाक हैं जो पुरुषों को उनकी मनमर्जी से बीवियों को छोड़ने का मौका देते हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत एप्लीकेशन एक्ट, 1937 की धारा 2 असंवैधानिक है। यह देश के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का भी उल्लंघन करती है।

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मैं शरीयत की मारी हूं...

हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि मैं शरीयत की मारी हूं। ऐसे में शीर्ष अदालत से मेरी मांग है कि देश में तलाक के लिए एक जैसा कानून होना चाहिए। जहां का कहना है कि मुसलमानों में शरीयत कानून के तहत मिलने वाला तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक की दूसरी परंपराओं को भी रद्द किया जाना चाहिए। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। यही नहीं कोर्ट ने केंद्र सरकार और महिला आयोग को भी नोटिस जारी किया है।

हर महीने देते हैं एक लाख रुपये

मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच कानूनी तलाक नहीं हुआ है। फिलहाल, दोनों अलग रह रहे हैं। शर्तों के मुताबिक, शमी को अपनी पत्नी को हर महीने 1 लाख 30 हजार रुपये देने होते हैं, जिसमें से 80 हजार रुपये वो अपनी बेटी के पालन-पोषण के लिए देते हैं। शमी आईपीएल सीजन 2023 के लिए गुजरात टाइटंस की ओर से खेल रहे हैं। इस सीजन वो 19 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट टेकर्स की लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। 

हसीन लगा चुकी हैं गंभीर आरोप

गौरतलब है, हसीन जहां मीडिया के सामने आकर मोहम्मद शमी के खिलाफ गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। वह क्रिकेटर पर घरेलू हिंसा, दूसरी महिलाओं के साथ संबंध रखने जैसे आरोपों के साथ-साथ मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगा चुकी हैं। हालांकि बीसीसीआई इन आरोपों पर भारतीय तेज गेंदबाज को क्लीन चिट दे चुका है।  

 

 

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