फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CPM's politics is too dangerous: Tharoor

बहुत खतरनाक राजनीति है सीपीएम की: थरूर

Tue, 10 May 2016 05:31 AM IST
सुदीप ठाकुर/ अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
सुदीप ठाकुर/ अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Updated Tue, 10 May 2016 05:31 AM IST
विज्ञापन
CPM's politics is too dangerous: Tharoor
शशि थरूर - फोटो : Getty

पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर राज्य के 14 जिलों में से तकरीबन सभी क्षेत्रों में प्रचार का एक दौर पूरा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ओमान चांडी के बाद केरल में कांग्रेस के इस दूसरे बड़े स्टार प्रचारक से सुदीप ठाकुर ने बात की

विज्ञापन


आप तकरीबन सभी जिलों में घूम चुके हैं। क्या लग रहा है आपको?
यदि 15 दिन पहले आपने यह सवाल किया होता तो खबर उतनी अच्छी नहीं थी। वैसे भी लोग कहते हैं कि केरल में हर पांच साल में सत्ता बदल जाती है। ऐसा चालीस साल से चल रहा है। केरल में एंटी इंकबेंसी फैक्टर काम करता है। मगर अभी मैं देख रहा हूं कि ट्रेंड बिल्कुल उलट गया है।
विज्ञापन


पहले ऐसा क्यों लग रहा था और अभी ऐसा क्या बदल गया?
दो फैक्टर हैं। पहला एंटी इंकबेंसी और दूसरा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर काफी विवाद चल रहा था। शराब के मुद्दे पर। उसके बाद सोलर स्कैम को लेकर भी विवाद हुआ। फिर दलित युवती के साथ हुई बर्बरता की घटना। उसके साथ बलात्कार किया गया और फिर बुरी तरह उसकी हत्या कर दी गई। स्वाभाविक रूप से जब कोई बुरी चीज होती है, तो लोग सरकार के खिलाफ बोलने लगते हैं। मुझे लग रहा है कि हमारे पास एक सकारात्मक संदेश भी है। हमने पांच साल जो विकास का काम किया है, वैसा केरल के इतिहास में कभी नहीं हुआ। उत्तर केरल में कन्नूर का एयरपोर्ट, दक्षिण केरल में पोर्ट, बीच में कोच्चि में मेट्रो, स्मार्ट सिटी और स्टार्ट अप। ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जिसे लोगों ने देखा है। जब केंद्र की सरकार गरीबों को 3 रुपये में पच्चीस किलो गेहूं या चावल दे रही थी, तब यहां दो रुपये में पैंतीस किलो दे रहे थे और अब हम मुफ्त में देंगे। 12 सौ करोड़ रुपये की करुणा लाटरी योजना के जरिये गरीबों को इलाज के लिए मदद की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 यहां हर चौराहे पर लाटरी बिक रही है। इसके कारण दूसरे राज्यों में बहुत से परिवार तबाह हुए हैं।
इस लाटरी का पैसा गरीबों को जाता है। बिहार से यहां मजदूरी का काम ढूंढ़ने आए युवक को पैंसठ लाख मिले और वह यहां से खुशी से वापस चला गया।

तो क्या आप यह कह रहे हैं कि केरल में इस बार एंटी इंकबेंसी काम नहीं करेगी?
एंटी इंकबेंसी जरा सी तो होती ही है। हमारी कहानी यह है कि सरकार ने पांच साल लोगों के लिए काम किया है और पांच साल और करना चाहती है। हमारे खिलाफ यहां लेफ्ट है, भाजपा यहां कमजोर है।

पश्चिम बंगाल में आप लेफ्ट के साथ हैं और यहां आमने सामने। इसे आप कैसे जायज हैं?
मैं इस गठबंधन के खिलाफ था। मैंने पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी और सीपीएम के नेताओं की मौजूदगी में इसका विरोध किया था। उनकी नीतियां जनविरोधी और हिंसात्मक रही है। बहुत खतरनाक राजनीति है सीपीएम की।

मगर संसद में ऐसा लगता है कि कांग्रेस और माकपा एक साथ हैं?
भाजपा के खिलाफ सिर्फ लेफ्ट नहीं, सारा विपक्ष एक साथ है। भाजपा जब कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती है। हम उसके इस अभियान को केरल में रोक सकते हैं। इसलिए यदि लेफ्ट यहां जीतता है, तब भाजपा कहेगी कि हमने कांग्रेस को केरल से हटा दिया।


मगर सीताराम येचुरी और माकपा के दूसरे नेता आरोप लगा रहे हैं कि यहां कांग्रेस और आरएसएस के बीच गठजोड़ है...
यह लेफ्ट के प्रचार की रणनीति है।

इस बार चुनाव में भाजपा से गठजोड़ करने वाली बीडीजेएस (भारत धर्म जन सेना) और इड़वा समुदाय को लेकर काफी चर्चा है। चुनाव में इसका कितना असर होगा?
उत्तर प्रदेश में किसी जाति के लिए कहा जा सकता है कि वह समाजवादी पार्टी के साथ है, मगर यहां ऐसा नहीं है। उत्तर भारत और यहां की राजनीति बिल्कुल अलग है। बीडीजेएस को तो अपने उम्मीदवार तक नहीं मिले हैं। उसकी ओर से कई भाजपा के उम्मीदवार मैदान में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed