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त्रिपुरा चुनाव: राजनीतिक मतभेद भूलकर कांग्रेस ने माकपा से मिलाया हाथ, भाजपा ने बताया-शुभ संकेत

Sat, 14 Jan 2023 10:12 AM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, अगरतला
पीटीआई, अगरतला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 14 Jan 2023 10:12 AM IST
सार

आगामी त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और माकपा ने साथ लड़ने की घोषणा कर सभी को हैरान कर दिया है।

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CPIM, Congress to jointly contest Tripura elections
कांग्रेस और माकपा आए साथ - फोटो : PTI

विस्तार

आगामी त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और माकपा ने साथ लड़ने की घोषणा कर सभी को हैरान कर दिया है क्योंकि पहले दोनों दलों को राज्य में कट्टर प्रतिद्वंद्वी माना जाता था। कांग्रेस के महासचिव अजॉय कुमार ने शुक्रवार शाम सीपीआई (एम) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की। बैठक में वाम मोर्चा के संयोजक नारायण कार भी मौजूद थे। बता दें कि त्रिपुरा में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

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कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि रणनीति तैयार करने और सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए राज्य कांग्रेस की एक टीम माकपा के राज्य सचिव के साथ बैठेगी। हम विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे।
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भगवा पार्टी को हराने के लिए आए साथ
वहीं सीपीआई (एम) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने कहा कि माकपा और कांग्रेस दोनों ने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और भाजपा को हराने के लिए 'खुले दिमाग' से चर्चा शुरू की है, जो पिछले पांच वर्षों से राज्य में संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट' कर रही है। उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन भगवा पार्टी की हार मुख्य एजेंडा है। चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी टिपरा मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत देबबर्मा के साथ भी बातचीत कर रही है।
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सीटों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं: सीपीआई(एम)
चौधरी ने कहा कि सीटों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन भगवा पार्टी की हार मुख्य एजेंडा है। चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी टिपरा मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत देबबर्मा के साथ भी बातचीत कर रही है। यह घोषणा राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि कांग्रेस सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे की मुख्य विपक्ष थी, जिसने 2018 में भाजपा द्वारा पराजित होने से पहले 25 वर्षों तक त्रिपुरा पर शासन किया था।


भाजपा बोली- दोनों पार्टी का गठबंधन शुभ संकेत
इस बीच, सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा कि माकपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन उसके लिए शुभ संकेत होगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्य ने कहा पहले वे गुप्त रूप से मधुर संबंध बनाए रखते थे, और अब यह खुले में होगा। वास्तव में, माकपा ने कांग्रेस के साथ अपनी समझ के कारण इतने लंबे समय तक शासन किया था। 

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