टीकाकरण पर गैर-जिम्मेदाराना बयान: भड़के डॉ. हर्षवर्धन, बोले- थोड़ी शर्म खाओ, संकट के बीच मत करो राजनीति
टीकाकरण पर नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भड़क गए। डॉ. हर्षवर्धन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि थोड़ी शर्म खाओ, इस संकट के समय में तो कम से कम राजनीति करना छोड़ दें।
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देश में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए तेजी से कोविड टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। वहीं टीकाकरण को लेकर कई नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयान भी सुनने और देखने को मिल रहे हैं। टीकाकरण पर नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भड़क गए।डॉ. हर्षवर्धन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि थोड़ी शर्म खाओ, इस संकट के समय में तो कम से कम राजनीति करना छोड़ दें।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिलसिलेवार कई ट्वीट कर वैक्सीनेशन से जुड़े तथ्य शेयर किए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की तरफ से 75 फीसदी टीके मुफ्त में उपलब्ध कराने के बाद टीकाकरण की गति तेज हो गई और जून में 11.50 करोड़ खुराकें दी गईं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ''मैं टीकाकरण को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वाले नेताओं से अनुरोध करता हूं कि बेशर्मी छोड़ दें। कोरोना महामारी के बीच राजनीति से दूर रहें।'' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर ये नेता तथ्य जानते हैं और फिर भी ऐसे बयान रहे हैं, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
Union Health Minister tweets facts regarding nationwide #COVID19 vaccination drive
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"I'm seeing irresponsible statements from various leaders regarding largest vaccine drive. I request them to desist from their shameless urge to play politics even in midst of pandemic," he tweets pic.twitter.com/AJ5vIAa6iy
— ANI (@ANI) July 1, 2021
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जुलाई के लिए कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति के बारे में भी राज्यों को पहले ही सूचित कर दिया गया है। ये जानकारी राज्यों के साथ 15 दिन पहले शेयर की गई थी, साथ ही रोजाना आपूर्ति के बारे में भी जानकारी दी गई। जुलाई में कुल 12 करोड़ खुराक उपलब्ध कराईं जाएंगी। निजी अस्पताल की आपूर्ति इससे अधिक होगी। उन्होंने कहा कि अगर राज्यों में समस्याएं हैं, तो ये दर्शाता है कि उन्हें अपने टीकाकरण अभियान के लिए बेहतर योजना बनाने की आवश्यकता है। अंतरराज्यीय योजना और लॉजिस्टिक राज्यों की जिम्मेदारी है।