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कोलकाता: दुर्गा पूजा समितियां करा रही हैं श्रमिकों और इलेक्ट्रीशियनों का कोविड बीमा
Fri, 23 Oct 2020 05:31 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 23 Oct 2020 05:31 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
पश्चिम बंगाल में बढ़ रहे कोरोना वायरस संकट को देखते हुए कई दुर्गा पूजा समितियों ने पंडाल लगाने और हटाने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कोलकाता में इन समितियों ने पंडाल लगाने और हटाने के काम में लगे इलेक्ट्रीशियन और श्रमिकों को कोविड-19 इंश्योरेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
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इसे लेकर शहर के पूजा आयोजकों का कहना है कि ये मजदूर पिछले तीन महीने से पंडाल बनाने, सजावट और रोशनी का सारा काम कर रहे हैं। समितियां पंडालों के पास ही उनके रहने की व्यवस्था कर रही हैं क्योंकि इनमें से अधिकांश मजदूर दूरदराज के जिलों के रहने वाले हैं।
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आयोजकों ने कहा कि सितंबर में जब यह फैसला लिया गया था कि इस बार दुर्गा पूजा बड़े स्तर पर आयोजित नहीं की जाएगी, तब से ही हमें मजदूरों को ढूंढने में समस्या आ रही थी। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें से अधिकतर मजदूर या तो अपने घर चले गए थे या महामारी के कारण काम करने के लिए तैयार नहीं थे।
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शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ‘फोरम फॉर दुर्गोत्सव’ के अध्यक्ष काजल सरकार ने इस संबंध में कहा, जब मजदूर नहीं मिल रहे थे, तब हमें यह विचार आया कि मजदूरों का बीमा कराया जाए। सरकार ने बताया कि शहर के अधिकतर पूजा आयोजनों ने मजदूरों का बीमा करा दिया है।
बता दें कि कोरोना वायरस संकट के चलते पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा को इस बार बहुत छोटे स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके चलते समितियों को आर्थिक मदद देने का भी एलान किया है। वहीं, कार्यक्रमों के दौरान कोरोना वायरस संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है।