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Hindi News ›   India News ›   Covid-19 third wave inevitable in India: You can stop third wave of Coronavirus, ICMR scientist said this vaccine

Covid-19: ...तो नहीं आएगी कोरोना की तीसरी लहर, आईसीएमआर के वैज्ञानिक ने दिया यह मंत्र

Sat, 08 May 2021 03:08 PM IST
दीप्ति मिश्रा अमित शर्मा, डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
अमित शर्मा, डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sat, 08 May 2021 03:08 PM IST
सार

अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्तूबर-नवंबर के बीच आ सकती है और यह अब तक की सभी लहर से ज्यादा घातक हो सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह लोगों के हाथ में है, वे चाहें तो कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोक सकते हैं।

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Covid-19 third wave inevitable in India: You can stop third wave of Coronavirus,   ICMR scientist said this vaccine
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी है। पिछले तीन दिन से लगातार हर रोज चार लाख से ज्यादा नए मामले आ रहे हैं और हजारों लोगों की जान जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की दूसरी लहर की पीक मई के मध्य से अंत के बीच सामने आ सकती है। वहीं अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्तूबर-नवंबर के बीच आ सकती है और यह अब तक की सभी लहर से ज्यादा घातक हो सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अनुमान है और इसके पूरी तरह सही होने की कोई संभावना नहीं है। यह लोगों के हाथ में है, वे चाहें तो कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोक सकते हैं।

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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) में माइक्रोबायोलोजी की सीनियर वैज्ञानिक डॉक्टर निवेदिता गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि कोरोना का सर्वोच्च समय अपने आप में एक मिथ है। इसके बारे में पहले से कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। यह पूरी तरह लोगों के सामाजिक व्यवहार पर निर्भर करता है। अगर आज ही देश भर के लोग आपस में मिलना-जुलना बिलकुल बंद कर दें, तो 15 दिनों के अंदर ही कोरोना संक्रमण चेन टूट सकती है और इस तरह इसकी दूसरी लहर की पीक अभी ही सामने आ जाएगी।
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संक्रमण घटते ही लोग भूल जाएंगे नियम
निवेदिता ने कहा कि महामारी के कमजोर पड़ने के बाद ही जब लोग कोरोना काल के नियमों को भूलकर आपस में बहुत ज्यादा मिलना-जुलना शुरू कर देंगे, तब वायरस तेजी दोबारा लोगों को अपनी चपेट लेने लग सकता है। यह कितना लोगों को चपेट में लेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम कोरोना बचाव संबंधी नियमों का कितना पालन करते हैं। 

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कहा-कितनी घातक होगी तीसरी लहर, इसका अंदाजा अभी नहीं 

डॉ. निवेदिता ने कहा कि कोरोना के जिस तीसरी लहर की बात की जा रही है, वह कभी आएगी या नहीं और आएगी भी तो कब? इसके बारे में अभी से कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वायरस में कोई नया म्यूटेशन (परिवर्तन) होता है, तो यह नए रूप में हमारे सामने आ सकता है। यह कितना विनाशकारी हो सकता है, वो उसके सामने आने के बाद ही कहा जा सकता है।

कहा- लोग करेंगे नियमों का पालन, तो नहीं फैलेगा वायरस
डॉ. निवेदिता ने कहा कि अगर लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं करेंगे। ज्यादा एक-दूसरे से मिलेंगे-झुलेंगे, तो इसके बार-बार खतरनाक रूप से सामने आने की संभावना रहेगी, लेकिन अगर लोग मास्क पहनने और शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन करेंगे, तो संक्रमण को कभी भी कमजोर किया जा सकता है। कोविड टीका लगवा कर विनाशक शक्ति को काफी हद तक कमजोर किया जा सकता है।

लोग चाहें, तो रोक सकते हैं संक्रमण 
दिल्ली के बीएलके अस्पताल के सीनियर डॉक्टर संदीप नायर ने कहा, अभी ये दावा नहीं किया जा सकता कि कोरोना संक्रमण अपने पीक पर कब होगा? तीसरी लहर कब आएगी या यह बीमारी कब तक खत्म हो सकती है? उन्होंने कहा कि यह दो-चार महीने में भी खत्म हो सकती है, तो यह दो-तीन साल या इससे भी ज्यादा समय तक चल सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस कितना विकराल रूप लेगा। इसका पूरा नियंत्रण लोगों के व्यवहार में ही है। अगर हम अपने जीवनशैली और व्यवहार में परिवर्तन नहीं करेंगे, तो कोरोना को रोकना कभी भी संभव नहीं होगा।

बच्चों के लिए कितना खतरनाक?

कोरोना की पहली या दूसरी लहर की चपेट में आने वाले बच्चों की संख्या बेहद कम है। विशेषज्ञों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि अगर तीसरी लहर आई, तो यह बच्चों पर ज्यादा घातक असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोरोना नियंत्रण में न आ जाए बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय उचित नहीं रहेगा। इस दौरान घर के वयस्क लोगों को खुद को जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने और बाहरी दुनिया से दूरी बनाए रखने की कोशिश करनी होगी, जिससे उनके जरिये बच्चों तक संक्रमण न पहुंचे और वे सुरक्षित रहें।

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