{"_id":"6236086513f8b43ddb5a5b08","slug":"covid-19-deaths-plea-in-sc-wants-deadline-for-seeking-ex-gratia-payment","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड-19 मौतें: मुआवजे के भुगतान को लेकर समय सीमा निर्धारित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोविड-19 मौतें: मुआवजे के भुगतान को लेकर समय सीमा निर्धारित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
Sat, 19 Mar 2022 10:14 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 19 Mar 2022 10:14 PM IST
सार
याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से एक समय सीमा निर्धारित करने का आग्रह किया है, जिससे मारे गए लोगों के परिजन अपने दावों को लेकर अधिकारियों से संपर्क कर सकें।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
विस्तार
कोविड-19 से मौत पर मुआवजे के भुगतान को लेकर चार सप्ताह की समय सीमा निर्धारित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि बिना किसी बाहरी सीमा के अनुग्रह राशि भुगतान की प्रक्रिया को जारी रखना वांछनीय नहीं हो सकता है। बंसल ने शीर्ष अदालत से एक समय सीमा निर्धारित करने का आग्रह किया है, जिससे मारे गए लोगों के परिजन अपने दावों को लेकर अधिकारियों से संपर्क कर सकें। हालांकि कोविड-19 के कारण मृत्यु दर में काफी कमी आई है, यह निर्देश देना ठीक रहेगा कि अगर अब से इस वायरस के कारण कोई मौत होती है, तो दावेदार मृत्यु से चार सप्ताह की अवधि के भीतर एक सक्षम अधिकारी के पास जा सके।
विज्ञापन
याचिका में मांग की गई है कि इस मामले में 30 जून, 2021 के आदेश और इस अदालत द्वारा पारित बाद के आदेशों को संशोधित किया जाए, जिससे किसी भी केंद्रीय एजेंसी को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा मुआवजा भुगतान के के लिए दावा किए गए दस्तावेजों को सत्यापित करने के लिए जांच करने की अनुमति मिलती है।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने पहले कोविड-19 के कारण अपनी जान गंवाने वालों के परिवार के सदस्यों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि प्राप्त करने के फर्जी दावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि उसने कभी कल्पना नहीं की थी कि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है और सोचा था कि नैतिकता इतनी नीचे नहीं गई है। शीर्ष अदालत ने पहले सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए) के सदस्य सचिव के साथ समन्वय करने के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त करें ताकि कोविड-19 पीड़ितों के परिवार के सदस्यों को अनुग्रह मुआवजे के भुगतान की सुविधा मिल सके।
विज्ञापन