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कोविड-19: सीआरपीएफ के 3.30 लाख कर्मी प्राइवेट अस्पताल में करा सकेंगे इलाज, नहीं देना पड़ेगा पीपीई किट का खर्च 

Tue, 16 Jun 2020 06:47 PM IST
Rohit Ojha जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली  Published by: Rohit Ojha Updated Tue, 16 Jun 2020 06:47 PM IST
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Covid 19 CRPF personnel will be able to provide treatment in private hospital no cost of PPE kit
सीआरपीएफ - फोटो : सोशल मीडिया

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' ने अपने 3.30 लाख कर्मियों को एक बड़ी राहत दी है। अगर इन कर्मियों के परिवार का कोई सदस्य या वे खुद कोरोना संक्रमित हो जाते हैं तो इन्हें सीजीएचएस रेट पर प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। सीआरपीएफ ने सीजीएचएस की सूची में शामिल अस्पतालों के साथ एमओए साइन किया है।

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अब यदि कोई कर्मी या उसके परिजन इन अस्पतालों के प्राइवेट वार्ड में भर्ती होते हैं, तो उनसे सामान्य इलाज वाला रेट लिया जाएगा। कोरोना जैसी महामारी में पीपीई किट, जो सबसे ज्यादा अहम मानी जाती है, सरकारी इलाज में इसका कोई जिक्र नहीं था। वजह, ऐसी बीमारी पहली बार आई है, जिसमें पीपीई किट के इस्तेमाल की बड़े पैमाने पर अनिवार्यता महसूस की गई है।
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यह किट इलाज, दवाओं और दूसरे सर्जीकल उपकरणों में भी शामिल नहीं थी, इसलिए सरकारी बिलों में इसका भुगतान भी नहीं होता। सीआरपीएफ ने अब यह व्यवस्था की है कि वह पीपीई किट का अलग से भुगतान करेगी।

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अस्पतालों में यह इलाज कैशलैस होगा

सीआरपीएफ के अनुसार, सीजीएचएस की सूची वाले अस्पतालों में यह इलाज कैशलैस होगा। जैसे कोई जवान, अधिकारी या उसके परिजन दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस अस्पताल में कोरोना का इलाज कराते हैं तो उन्हें एक दिन का रूम किराया 3000 रुपये देना होगा। आईसीयू के लिए 3863 रुपये प्रतिदिन, डॉक्टर प्रति विजिट 300 रुपये, वेंटिलेटर शुल्क 611 रुपये (एक से छह घंटे तक) और एक पीपीई किट के पांच सौ रुपये (रोजाना 4 से 6 किट) देने होंगे।


14 दिन के इलाज पर औसतन 75 हजार से 80 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। इसमें पीपीई किट का खर्च 28 हजार रुपये से 42 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। यह किट सीजीएचएस के तहत नॉन रिम्बर्सएबल आइटम में आती है। चूंकि इस वक्त कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में सीआरपीएफ अपने कर्मियों को लेकर कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहती। इसके चलते इस किट का अलग से भुगतान करने का निर्णय लिया गया है।


जब भी कोई कर्मी या उसके परिवार का सदस्य अस्पताल से डिस्चार्ज होता है तो पीपीई किट का भुगतान संबंधित यूनिट या संबंधित कार्यालय द्वारा किया जाएगा। सीआरपीएफ मुख्यालय ने इस किट को रिम्बर्सएबल आइटम में शामिल कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष यह मुद्दा उठाया है।

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