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जनता की गाढ़ी कमाई लूटी: अदालत ने दो आरोपियों को सुनाई 27 साल की सजा, 171 करोड़ जुर्माना भी ठोका
Fri, 26 Aug 2022 11:05 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 26 Aug 2022 11:05 PM IST
सार
केंद्रीय जांच ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला सार्वजनिक जमाकर्ताओं से 870.1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित है। अधिकारी ने कहा कि कुल लगाया गया जुर्माना 171.74 करोड़ रुपये है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सीबीआई ने कहा कि तमिलनाडु के कोयंबटूर की एक अदालत ने सार्वजनिक जमाकर्ताओं को 870.1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले में शुक्रवार को पाजी (Paazee) मार्केटिंग कंपनी के दो निदेशकों को 27 साल कैद की सजा सुनाई और उन पर 171.74 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अदालत ने निजी फर्मों के दोनों निदेशकों के मोहनराज और कमलावल्ली को 27 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ 42.76 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया। साथ ही तीनों निजी फर्मों पाजी फॉरेक्स ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पाजी ट्रेडिंग इंक और पाजी मार्केटिंग कंपनी पर 28.74 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला सार्वजनिक जमाकर्ताओं से 870.1 करोड़ रुपये (लगभग) की धोखाधड़ी से संबंधित है। अधिकारी ने कहा कि कुल लगाया गया जुर्माना 171.74 करोड़ रुपये है। एजेंसी ने मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर 15 जून 2011 को मामला दर्ज किया था। तमिलनाडु के तिरुपुर में स्थित और मोहनराज और अन्य द्वारा संचालित पाजी मार्केटिंग कंपनी ने जुलाई 2008 और सितंबर 2009 के बीच विभिन्न योजनाएं शुरू की थीं, और अधिक रिटर्न के झूठे वादे पर जमाकर्ताओं से 870.1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।
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सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि फर्म की वेबसाइट paazeemarketing.com ने धोखाधड़ी से जमा और निवेश की राशि को लेकर वादा किया कि इसका उपयोग विदेशी मुद्रा व्यापार व्यवसाय में किया जाएगा। आरोपी ने आगे वादा किया कि इतनी जमा राशि पर बहुत कम अवधि में भारी लाभांश/ब्याज का भुगतान किया जाएगा। आरोपी ने विभिन्न बैंकों पर पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए, जहां आरोपी ने पाजी फॉरेक्स ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से खाते खोले।
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