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Maharashtra: उद्धव शिवसेना के नेता अनिल परब के करीबी को अदालत से झटका, रिसॉर्ट को गिराने पर रोक का आदेश रद्द

Tue, 07 Nov 2023 11:46 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 07 Nov 2023 11:46 AM IST
सार

कदम ने परब से एक प्लॉट खरीदा था। बाद में वहां रिसॉर्ट बनाया। 2021 में रत्नागिरी कलेक्टर ने इसे गिराने का नोटिस जारी किया गया था। कदम ने एक सिविल अदालत के समक्ष नोटिस के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जहां उन्हें राहत मिल गई थी। लेकिन अब उन्हें झटका लगा है। 

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Court quashes injunction order on demolition of Dapoli resort linked to Sena (UBT) leader Parab
court order - फोटो : court order

विस्तार

महाराष्ट्र के रत्नागिरी की एक अदालत से सदानंद कदम को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता अनिल परब के करीबी कदम के दापोली में बने साईं रिजॉर्ट को गिराने पर लगी रोक के आदेश को रद्द कर दिया है। 

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रत्नागिरी के खेड़ की जिला अदालत ने चार नवंबर को जारी आदेश में कहा कि यह मामला सिर्फ निर्माण कानूनों के उल्लंघन का मामला नहीं है, बल्कि वादी (कदम) ने तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) नियमों और विनियमों के प्रावधानों का भी उल्लंघन किया है। पीठ ने कहा कि अगर इस तरह के ढांचे के निर्माण को बचाया जाता है तो यह गैरकानूनी होगा।

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यह है मामला
गौरतलब है, कदम ने परब से एक प्लॉट खरीदा था। बाद में उस जगह पर रिसॉर्ट बनाया। जून 2021 में, रत्नागिरी कलेक्टर ने इसे गिराने का नोटिस जारी किया गया था क्योंकि इसे बनाने से पहले अनुमति नहीं ली गई थी। कदम ने बाद में रत्नागिरी के खेड़ में एक सिविल अदालत के समक्ष नोटिस के खिलाफ मुकदमा दायर किया। यहां अदालत ने इस साल मार्च में रिसॉर्ट को गिराने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने कलेक्टर के माध्यम से निषेधाज्ञा आदेश के खिलाफ अपील दायर की।

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अपने जोखिम पर किया निर्माण
खेड़ के वर्तमान जिला न्यायाधीश पी एस चांदगुडे ने चार नवंबर के आदेश में निषेधाज्ञा के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि अगर इस तरह के ढांचे के निर्माण को बचाया जाता है तो यह गैरकानूनी होगा। कदम ने इस रिसॉर्ट का निर्माण अपने जोखिम पर किया था। वह निर्माण के समय शर्तों के बारे में जानते थे कि नो डेवलपमेंट जोन के भीतर निर्माण करने की अनुमति नहीं है।

उच्चतम न्यायालय के पूर्व के एक आदेश का हवाला देते हुए जिला अदालत ने कहा कि देश के कानून का पालन करना होगा और उसे लागू करना होगा।

एक एकड़ जमीन पर कराया गया रिजॉर्ट का निर्माण

साई रिजॉर्ट एनएक्स के संबंध में जांच के दौरान यह पता चला था कि दापोली रत्नागिरी में स्थित 42.14 गुंटा (एक एकड़ से अधिक) की भूमि पर बनाया गया है। ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि इसे विभास साठे से अनिल परब ने एक करोड़ रुपये में खरीदा था। इसका सौदा 1.80 करोड़ रुपये में तय किया गया था और परब ने जमीन खरीदने के लिए 80 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी का इस्तेमाल किया, जिससे इसकी वास्तविक कीमत कम हो गई।

रिजॉर्ट के निर्माण में नियमों का किया गया उल्लंघन

चार्जशीट में कहा गया, अनिल परब ने अपने बेहिसाब पैसे का निवेश करके साई रिजॉर्ट एनएक्स का निर्माण कराया। साथ ही सीआरजेड III नियमों का भी उल्लंघन किया गया। ईडी ने कहा कि परब के सहयोगी और आरोपी सदानंद कदम ने कृषि भूमि की खरीद और इसके निर्माण के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

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