इतिहास बना कर चले गए सीडीएस जनरल रावत: सभी 14 लोगों की मौत की पुष्टि, वायुसेना ने दी जानकारी
सीडीएस जनरल विपिन रावत देश के चार जनरलों में प्रथम रैंक के अफसर थे। प्रोटोकॉल के हिसाब से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री की वीवीआईपी कैटेगरी के बाद वह रक्षामंत्री, नेता प्रतिपक्ष, सेनाओं के जनरल वाली वीआईपी कैटेगरी में आते हैं। रक्षा मंत्रालय से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में इस दुर्घटना को लेकर लगातार संवेदनशीलता बढ़ गई है...
विस्तार
सीडीएस जनरल विपिन रावत के हेलीकाप्टर MI-17V5 के दुर्घटनाग्रस्त होने और देर शाम जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका समेत सभी 14 लोगों की मौत की खबर की पुष्टि होने से पूरा देश सदमे में है। इस हेलीकाप्टर में जनरल रावत के साथ उनकी पत्नी मधूलिका रावत, सिक्योरिटी स्टाफ में ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर, ले. कर्नल परजिंदर सिंह, नायक जितेन्द्र सिंह, नायक गुरुसेवक सिंह, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक बीएस तेजा, हवलदार सतपाल समेत कुल 14 लोग सवार थे। वायु सेना ने हादसे के करीब छह घंटे के बाद ये पुष्टि कर दी कि जनरल रावत और उनकी पत्नी समेत हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग इस हादसे का शिकार हो गए। जनरल विपिन रावत ने भारतीय सेना में जो इतिहास बनाया है उसे हमेशा याद रखा जाएगा।
सीडीएस जनरल रावत के हेलीकाप्टर के कुन्नूर के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की खबर आते ही वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल वीआर चौधरी पालम टेक्निकल एरिया से घटनास्थल के लिए रवाना हुए। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और इसके बारे में रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान के लिए गुरुवार तक का इंतजार करना पड़ सकता है। संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है इसलिए रक्षा मंत्री सभी ताजा जानकारियों के साथ गुरुवार को इस बारे में सदन को जानकारी देंगे।
प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृहमंत्री समेत सभी संवेदनशील
हादसे की सूचना मिलते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उच्च स्तर की संवेदनशीलता बरतते हुए पहले साउथ ब्लॉक के लिए रवाना हुए। वहां घटना के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद वह जनरल विपिन रावत के परिजनों से भी मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री को भी घटना और यथास्थिति के बारे में अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथियों से मंत्रणा की। गृहमंत्री अमित शाह ने भी संसद भवन पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली। सीडीएस जनरल विपिन रावत देश के चार जनरलों में प्रथम रैंक के अफसर थे। प्रोटोकॉल के हिसाब से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री की वीवीआईपी कैटेगरी के बाद वह रक्षामंत्री, नेता प्रतिपक्ष, सेनाओं के जनरल वाली वीआईपी कैटेगरी में आते हैं। रक्षा मंत्रालय से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में इस दुर्घटना को लेकर लगातार संवेदनशीलता बढ़ गई है। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट के साथियों के साथ चर्चा के बाद रक्षा मामलों की उच्चस्तरीय कैबिनेट मीटिंग बुलाई है।
एमआई-17 वी5 हेलीकाप्टर
रूस निर्मित MI-17V5 हेलीकाप्टर का प्रयोग देश के वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट में किया जाता है। यह अपने आप में उन्नत किस्म का हेलीकॉप्टर है और जिस हेलीकाप्टर में जनरल विपिन रावत सवार थे, यह नया था। वायुसेना इस श्रेणी के हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल दशकों से कर रही है। नए एमआई-17वी5 हेलीकाप्टर को वायुसेना ने अपनी जरूरतों के साथ अपग्रेड कराया था। यह दोहरे इंजन वाला हेलीकाप्टर है और यह तमाम तकनीक तथा सुविधाओं से लैस हैं। जनरल विपिन रावत पत्नी मधूलिका और अपने स्टाफ के साथ वैलिंगटन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। वैलिंगटन में सशस्त्र बलों का कॉलेज है और जनरल रावत को यहां अपना व्याख्यान देना था। वह सुलूर से कुन्नूर जा रहे थे और यहां से उन्हें दिल्ली के लिए रवाना होना था, लेकिन कुन्नूर के जंगलों में उनका हेलीकाप्टर क्रैश हो गया। यह इलाका घने जंगलों वाला है। समझा जा रहा है कि खराब मौसम के कारण यह दुर्घटना हुई है। दुर्घटना के विस्तृत कारणों का पता जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।