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Karnataka High Court: 'सरकारी दफ्तरों में भारी भ्रष्टाचार', कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीडीए अफसर को नहीं दी जमानत
Sat, 20 Aug 2022 12:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 20 Aug 2022 12:57 PM IST
सार
जस्टिस के. नटराजन ने कहा, 'आजकल सरकारी दफ्तरों में भ्रष्ट्राचार बेकाबू हो गया है। बगैर रिश्वत दिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती है। इसलिए मेरा मानना है कि याचिकाकर्ता को इस वक्त जमानत नहीं दी जा सकती है।'
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KARNATAKA HIGH COURT
- फोटो : istock
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विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) के एक अधिकारी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि सरकारी दफ्तरों में बेकाबू भ्रष्टाचार है।
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हाईकोर्ट के जस्टिस के. नटराजन ने कहा, 'आजकल सरकारी दफ्तरों में भ्रष्ट्राचार बेकाबू हो गया है। बगैर रिश्वत दिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती है। इसलिए मेरा मानना है कि याचिकाकर्ता को इस वक्त जमानत नहीं दी जा सकती है।' उन्होंने यह टिप्पणी बीडीए के सहायक इंजीनियर बीटी राजू को जमानत देने से इनकार करते हुए यह बात कही।
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बीडीए ने उचित अधिग्रहण कार्यवाही किए बगैर सुवलाल जैन और सुरेश चंद जैन की जमीन सड़क निर्माण के लिए ले ली थी। जैन के जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) धारक मंजूनाथ ने भूमि के बदले वैकल्पिक जमीन देने के लिए बीडीए में नवंबर 2021 में आवेदन दायर किया था। जिसे अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण अधिकारी और उसके बाद सर्वेयर और फिर एक्जिक्युटिव इंजीनियर (पश्चिम) और अंत में तीन जनवरी, 2022 को सहायक इंजीनियर राजू के समक्ष भेजा गया था। राजू ने इसे एसीबी द्वारा उन्हें रंगेहाथों गिरफ्तार किए जाने तक छह माह लंबित रखा था।
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बीडीए इंजीनियर ने एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगी थी
जमीन देने के बदले इंजीनियर बीटी राजू ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह 60 लाख रुपये कम कर दी थी। इसके बाद सात जून, 2022 को उसे पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। कर्नाटक एसीबी की टीम ने राजू को एक कार में घूस लेते पकड़ा था। इससे पहले एसीबी ने राजू की एक कॉल रिकॉर्डिंग हासिल की थी, जिसमें उसने रिश्वत की मांग की थी।