कोरोना: जहां कम होगा संक्रमण, वहां से पहले हटेगा लॉकडाउन
कोरोना से मुक्ति के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन के खत्म होने का सिलसिला उन गांवों और छोटे शहरों से शुरू होगा, जहां इस महामारी का प्रभाव नगण्य है। हालांकि, इन जगहों पर भी मिलने वाली छूट में कई शर्तें शामिल करने के बाद ही खास एहतियात बरती जाएगी।
कोरोना प्रभावित संवेदनशील इलाकों, महानगरों में लॉकडाउन से छूट देने के लिए अलग-अलग रणनीति तैयार की जाएगी। हालांकि, लॉकडाउन से मुक्ति की पहली शर्त कोरोना के प्रकोप में कमी आना ही होगी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार कोरोना के प्रकोप की 24 घंटे के दौरान प्रतिदिन तीन बार उच्चस्तरीय समीक्षा कर रही है।
इसके साथ ही लॉकडाउन अवधि खत्म होने की रणनीति भी तैयार की जा रही है। अगर लॉकडाउन के दौरान कोरोना के प्रकोप में कमी आई तो चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन हटाने का सिलसिला शुरू होगा। पहले उन चुनिंदा गांवों और छोटे शहरों को इससे मुक्ति मिलेगी जहां कोरोना का प्रकोप न के बराबर है।
लॉकडाउन मुक्ति वाले गांवों छोटे शहरों में बाहरी लोगों का प्रवेश एक निश्चित अवधि तक के लिए वर्जित रहेगा। शुरू में एक निश्चित संख्या में ही दुकानें और सार्वजनिक प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति होगी।
फिलहाल निगाहें कोरोना के प्रकोप पर
देश में कोराना प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ रही है। इससे प्रभावित लोगों की मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। इसके बावजूद इस महामारी के तीसरे चरण में पहुंचने के लिए फिलहाल कोई संकेत नहीं हैं। सरकार की कोशिश कोरोना प्रभावित लोगों की संख्या कम करने पर है। सूत्र के मुताबिक फिलहाल आपात स्थिति आने की पूर्व तैयारियों पर युद्धस्तर पर काम हो रहा है।
बड़े और प्रभावित शहरों के लिए अलग रणनीति
लॉकडाउन अवधि पूरी होने के बाद कोरोना प्रभावित इलाकों और बड़े शहरों-महानगरों के लिए अलग रणनीति बनाने में माथापच्ची का दौर जारी है। सूत्रों के मुताबिक इस पर विचार हो रहा है कि ऐसे जगहों पर जहां कोरोना का प्रभाव नगण्य है और कुछ खास विकल्प अपनाने पर इसके फैलने का खतरा नहीं है, वहां कुछ इलाकों को चिह्नित कर छूट दी जाए।
इन जगहों पर कुछ दुकानें व प्रतिष्ठान को खोलने की मंजूरी मिले। हालांकि इस दौरान बुजुर्ग, बच्चों को बाहर निकलने से रोका जाए। और इसी दौरान शहरों में फंसे मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से सावधानी के साथ बाहर निकालने की योजना बने।