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लड़ेंगे कोरोना से: जल्द आ सकता है बच्चों के लिए टीका, विश्व बैंक ने स्कूल खोलने पर कही ये बात
Sun, 03 Oct 2021 05:21 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 03 Oct 2021 05:21 PM IST
सार
देश कोरोना वायरस महामारी की दो लहरों का सामना कर चुका है और तीसरी लहर की आशंकाएं जताई जा रही हैं। कुछ अध्ययनों और रिपोर्ट्स में आशंका जताई गई है कि तीसरी लहर के दौरान बच्चे इस वायरस से अधिक प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में सरकार बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कई प्रयास कर रही है। हालांकि, देश में अभी भी बच्चों के लिए कोई कोरोना रोधी टीका मौजूद रहीं है लेकिन उम्मीद है कि यह कमी जल्द ही पूरी हो सकती है। इसके अलावा विश्व बैंक ने कहा है कि स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण होने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
विस्तार
जायडस कैडिला के बच्चों के लिए कोरोना वायरस टीके को लेकर चल रहीं वार्ताओं के अंतिम दौर को लेकर केंद्र सरकार को सकारात्मक उम्मीदें हैं। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हुई एक बैठक के बाद यह बात कही।
सुधाकर ने मंडाविया के साथ बच्चों के टीकाकरण और अन्य राज्यों की पहलों को लेकर बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंनेबताया कि भारत बायोटेक की ओर से विकसित की गई नेजल वैक्सीन के दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल पूरे हो गए हैं और तीसरे चरण का ट्रायल नवंबर-दिसंबर तक पूरे होने की उम्मीद है।
स्कूल दोबारा खोलने पर विश्व बैंक की ये है राय
उधर, विश्व बैंक ने कहा है कि तथ्य बताते हैं कि बच्चों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका कम है और कई देशों में टीका विकसित होने से पहले स्कूलों को दोबारा खोलने का सुरक्षित अनुभव भी यह संकेत देता है कि स्कूलों को खोलने से पहले बड़े स्तर पर टीकाकरण के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
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एक नए पॉलिसी नोट में विश्व बैंक की शिक्षा टीम ने कहा है कि दुनिया के कई देशों में जहां स्कूल दोबारा खुले हैं, वहां के अनुभव इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उचित रणनीति और सतर्कता के साथ अगर स्कूलों को खोला जाए तो बच्चों, स्टाफ और समुदाय में कोरोना वायरस संक्रमण के फैसने का खतरा काफी कम है।
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सुधाकर ने मंडाविया के साथ बच्चों के टीकाकरण और अन्य राज्यों की पहलों को लेकर बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंनेबताया कि भारत बायोटेक की ओर से विकसित की गई नेजल वैक्सीन के दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल पूरे हो गए हैं और तीसरे चरण का ट्रायल नवंबर-दिसंबर तक पूरे होने की उम्मीद है।
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स्कूल दोबारा खोलने पर विश्व बैंक की ये है राय
उधर, विश्व बैंक ने कहा है कि तथ्य बताते हैं कि बच्चों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका कम है और कई देशों में टीका विकसित होने से पहले स्कूलों को दोबारा खोलने का सुरक्षित अनुभव भी यह संकेत देता है कि स्कूलों को खोलने से पहले बड़े स्तर पर टीकाकरण के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
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एक नए पॉलिसी नोट में विश्व बैंक की शिक्षा टीम ने कहा है कि दुनिया के कई देशों में जहां स्कूल दोबारा खुले हैं, वहां के अनुभव इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उचित रणनीति और सतर्कता के साथ अगर स्कूलों को खोला जाए तो बच्चों, स्टाफ और समुदाय में कोरोना वायरस संक्रमण के फैसने का खतरा काफी कम है।