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कोरोना: पुराने वैरिएंट को टेकओवर कर रहा B.1.617.2, भारत में 100 में से 25-30 केस मिले

Mon, 24 May 2021 01:36 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Mon, 24 May 2021 01:36 PM IST
सार

कोरोना के B16172 वैरिएंट को लेकर विशेषज्ञों की एक रिसर्च ने चिंता बढ़ा दी है। जीनोमिक सीक्वेंसिंग के विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि B.1.617.2 अन्य वैरिएंट को टेक ओवर कर रहा है, यहां तक कि यूके में उत्पन्न होने वाले केंट वैरिएंट B.1.1.7 को भी टेकओवर कर रहा है।

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Coronavirus update: B16172 variant becoming dominant variant in India, finds genome sequencing
कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर अब सुस्त पड़ती नजर आ रही है। कोरोना के नए मामलों भले ही कमी आई है, कोरोना से मरने वालों की संख्या अब भी चिंता का सबब बनी है। इस बीच, कोरोना के B.1.617.2 वैरिएंट को लेकर विशेषज्ञों की एक रिसर्च ने चिंता बढ़ा दी है। अध्ययन के मुताबिक, अन्य वैरिएंट को B.1.617.2 टेक ओवर कर रहा है।

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ब्रिटेन भारत में तबाही मचा रहे कोरोना के B.1.617 के B1617.1, B1617.2, और B.617.3 वैरिएंट को मॉनीटर कर रहा है। इसके बाद जीनोमिक सीक्वेंसिंग के विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि B.1.617.2 अन्य वैरिएंट को टेक ओवर कर रहा है। यहां तक कि ब्रिटेन में कोविड वैरिएंट B.1.1.7 को भी टेक ओवर कर रहा है। 
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100 में से 25 नमूने B.1617.2 के मिले
अब तक केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों में B.1.617.2 ने कई मामलों को टेक ओवर कर लिया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, बिहार जैसे राज्य में भी इस वैरिएंट के नए मामले सामने आ रहे हैं। जीनोमिक सीक्वेंसिंग विशेषज्ञ ने कहा कि 100 में से कम से कम 25-30 नमूने B.1617.2 के मिल रहे हैं।
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केरल में मिल रहे सबसे अधिक मामले
सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के वैज्ञानिक डॉ. विनोद स्कारिया ने कहा कि B.1.617.2 के कई मामले सामने आ रहे हैं। विशेषकर केरल के कई जिलों में B.1.617.2 के अधिक मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना की दूसरी लहर के लिए B.1.617.2 वैरिएंट ही जिम्मेदार है।

इस वैरिएंट ने बढ़ाई ब्रिटेन समेत कई देशों की चिंता

भारत में तबाही मचा रहे B.1.617.2 वैरिएंट को लेकर दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ गई है। अब तक यह वैरिएंट 48 देशों में पहुंच चुका है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने कहा कि वह इस वैरिएंट को लेकर चिंतित हैं। कई विशेषज्ञों ने ब्रिटेन में पाबंदियों को हटाने के फैसले को रोकने की मांग की है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि केंट वैरिएंट B.1.1.7 की तुलना में B.1.617.2 वैरिएंट 40 से 50 फीसदी तक ज्यादा तेजी से फैल सकता है और अभी 95 फीसदी संभावना है कि यूके में B.1.617.2 के मामले अधिक हो सकते हैं।

तेजी से फैल रहा B.1.617.2 वैरिएंट
बता दें कि 22 मई तक दुनियाभर में B.1.617.2 वैरिएंट के 7322 सिक्वेंस मिले हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में इस वैरिएंट का प्रसार अभी 1 फीसदी है। भारत में इस वैरिएंट के 1124 सैंपल मिले है। 7 मई तक इसका प्रचार 15 फीसदी के करीब रहा। ब्रिटेन पर इस वैरिएंट के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिका में अभी इसका प्रसार 0.5 फीसदी ही है।

कितना खतरनाक है B.1.617.2 वैरिएंट 
विशेषज्ञों के मुताबिक, B.1.617.2 वैरिएंट से संक्रमित सिर्फ 1.1 फीसदी लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। जबकि B.1.617 वैरिएंट से संक्रमित 1.5 फीसदी लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। इससे पता चलता है कि यह वैरिएंट थोड़ा कम प्रभावी है। विशेषज्ञ कहते हैं कि जल्द ही B.1.617 वैरिएंट को B.1.617.2 टेकओवर कर लेगा।

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