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कोरोना वायरस: मुंबई में लॉकडाउन के दौरान बेसहारा जानवरों का सहारा बने यूपी के राम अवतार, टैक्सी चलाकर करते हैं गुजारा

Tue, 07 Apr 2020 09:48 AM IST
देव कश्यप सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Tue, 07 Apr 2020 09:48 AM IST
सार

  • कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान बेजुबान जानवरों के सामने भोजन संकट 
  • टैक्सी चालक राम अवतार जानवरों को खाना खिला रहे हैं
  • मुश्किल में है जानवरों और पशु पक्षियों की जान

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Coronavirus taxi driver Ram Avatar supported destitute animals during lockdown in Mumbai
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संकट में इंसानों के साथ-साथ सड़क पर रहने वाले बेजुबान जानवरों के सामने भी भोजन का संकट खड़ा हो गया है। इस मुश्किल समय मे कुछ गैर सरकारी संस्थाओ की तरफ से पशुओं के लिए चारे आदि के प्रबंध किए जा रहे हैं, लेकिन मुंबई में भूखे जानवरों का सहारा टैक्सी चालक राम अवतार ही है जो संकट की इस घड़ी में सुबह और शाम उन जानवरों को खाना खिला रहे हैं, जो बेसहारा हैं।

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रामवतार मिश्र मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। वह पश्चिमी उपनगर अंधेरी के साकीनाका इलाके में रहते हैं। राम अवतार मूलतः उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील स्थित काधिया गांव के निवासी हैं। वह बताते हैं कि पिछले 6-7 सालों से बेसहारा कुत्ते और बिल्लियों को खाना खिला रहे हैं। 21 दिनों के लॉक डाउन में आम लोगों के साथ ही इन पशुओं को भी खाने के लाले पड़ गए हैं।
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चूंकि इस समय विषम परिस्थिति है, इसलिए जानवर भी भूखे रह रहे हैं। राम अवतार रोजाना करीब 50 कुत्तों को बिस्कुट इत्यादि खिलाते हैं। इस समय लॉकडाउन की स्थिति में वे सुबह और शाम कुत्तों और बिल्लियों को खिलाने में करीब 500 रुपये खर्च कर रहे हैं। वह कहते है कि पहले आम दिनों में 150 से 200 रुपए में काम हो जाता था, लेकिन इस समय ज्यादा खर्चा हो रहा है। राम अवतार टैक्सी चलाते हैं, लेकिन इस समय वह भी बंद है।
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ऐसे में उनका खुद का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है फिर भी दुकानदार के यहां से उधारी लेकर बेसहारा जानवरों को खाना खिला रहे हैं। हालांकि कभी-कभी कुछ लोग उन्हें पशुओं के भोजन खिलाने में आर्थिक मदद भी कर देते हैं जिसे वे सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। राम अवतार ने कहा कि लॉकडाउन खत्म होने पर टैक्सी चलाकर दुकानदार का बकाया लौटा दूंगा। परन्तु इस समय उन बेसहारा जानवरों को भोजन की ज्यादा जरूरत है।

मुश्किल में है जानवरों और पशु पक्षियों की जान
लॉकडाउन की वजह से मुंबई में ज्यादातर दफ्तर, दुकानें, होटल बंद हैं और लोग अपने घरों में कैद हैं। ऐसे में सड़क पर रहने वाले पशु-पक्षियों और जानवरों की जान मुश्किल में है। इन्हें खाना और पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसी संकट की स्थिति में राम अवतार की दरियादिली प्रशंसनीय है जो सड़क पर रहने वाले जानवरों को खाना दे रहै हैं।


राम अवतार कहते हैं कि पहले लोग दफ्तर या दुकान जाते समय बेसहारा जानवरों के सामने रोटी या बिस्कुट डाल देते थे जिससे इनका पेट भरता था और मेरे जेब से भी कम खर्च होता था। लेकिन इस समय वे भूखे हैं। सड़क पर रहने वाले कुत्तों के खाने और पानी के लिए सरकारी स्तर पर बड़े प्रायसों की जरूरत है, जिससे इंसान के साथ-साथ इन जानवरों का पेट भी आसानी से भरा जा सके।

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