फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Coronavirus : Maharashtra Government allows door to door delivery of Newspaper

महाराष्ट्र : अखबार वितरण को मिली अनुमति, कोर्ट ने उठाए थे प्रतिबंध के फैसले पर सवाल

Tue, 21 Apr 2020 07:09 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 21 Apr 2020 07:09 PM IST
सार

  • कोरोना वायरस के चलते राज्य सरकार ने लगाया था अखबारों की घर-घर डिलिवरी पर प्रतिबंध
  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा था, जब स्टॉल से अखबार खरीदने की अनुमति है तो बांटने की क्यों नहीं?
  • इस फैसले के विरोध में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भी भेजा
  • सरकार ने अब दी अनुमति, वितरकों को मास्क-सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा

विज्ञापन
Coronavirus : Maharashtra Government allows door to door delivery of Newspaper
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच द्वारा महाराष्ट्र सरकार के अखबार वितरण पर प्रतिबंध के फैसले पर सवाल उठाने के बाद राज्य सरकार ने अपने फैसले में बदलाव किया है। राज्य सरकार ने अब मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र, पुणे मेट्रोपोलिटन क्षेत्र और कोविड-19 कंटेनमेंट क्षेत्रों के अलावा बाकी स्थानी पर डोर-टू-डोर अखबार वितरण को अनुमति दे दी है। हालांकि, समाचार पत्र वितरक को मास्क का इस्तेमाल करना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे मानकों का पालन करना होगा। 

विज्ञापन


वहीं, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी मंगलवार को सरकार के इस फैसले के खिलाफ नोटिस भेजा था। नोटिस में इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया था। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को अखबारों की डोर-टू-डोर डिलिवरी पर प्रतिबंध लगा दिया था। पीसीआई के एक बयान के मुताबिक इस नोटिस में कहा गया है कि राज्य सरकार का यह फैसला केंद्र के उस निर्देश का पालन नहीं करता है जिसमें प्रिंट मीडिया के संचालन को अनुमति दी गई है।

विज्ञापन

जब बाहर से खरीद सकते हैं तो घर क्यों नहीं पहुंचा सकते?

बता दें कि कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाया था कि सरकार ने अखबार के घर-घर वितरण पर प्रतिबंध लगाया है जबकि लोगों को बाहर जाकर खरीदने की अनुमति दी हुई है। जस्टिस पीबी वराले ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार से यह सवाल किया और सरकार से 27 अप्रैल तक इसका जवाब मांगा था। इससे पहले पत्रकार एसोसिएशन की ओर से दायर एक याचिका के जवाब में नागपुर बेंच ने भी सरकार को इसका जवाब देने को कहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को देखते हुए अखबारों के डोर-टू-डोर वितरण पर रोक लगा दी थी। जस्टिस वराले ने कहा, इसमें कोई शक नहीं है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्थिति से निपटने के प्रयास कर रही हैं। लेकिन, प्रिंट मीडिया को लॉकडाउन से छूट दी गई है और अखबारों की डोर-टू-डोर डिलिवरी पर प्रतिबंध है। इसके पीछे का तर्क समझ नहीं आता कि अखबार छप रहे हैं लेकिन उन्हें वितरित करने की अनुमति नहीं है। 

कोर्ट ने कहा, अखबार वितरण पर प्रतिबंध समझ से परे

कोर्ट के आदेश में कहा गया है, 'यह भी समझ से परे है कि राज्य सरकार दुकान और स्टॉल से अखबार खरीदने की अनुमति दे रही है, फिर अखबार वितरण को अनुमति क्यों नहीं। लोगों को अखबार खरीदने की अनुमति देकर सरकार उन्हें लॉकडाउन के दौरान घर से निकलने का एक बहाना दे रही है। डोर-टू-डोर अखबार वितरण से यह सुनिश्चित होगा कि कम से कम इस कारण से लोग घर से बाहर नहीं निकलेंगे।'

अदालत ने कहा, यद्यपि, ऑनलाइन अखबार मौजूद हैं लेकिन कई लोगों के लिए उनका उपयोग करना संभव नहीं है क्योंकि या तो वह तकनीक से परिचित नहीं हैं या कागज पर ही खबरें पढ़ने के आदी हैं। 

मास्क-सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा अनिवार्य

राज्य सरकार ने अखबार के घर-घर वितरण को अनुमति तो दे दी है लेकिन कुछ नियम भी जारी किए हैं। इसके मुताबिक जिस व्यक्ति के घर अखबार जाना है उसके संज्ञान में यह होना चाहिए। डिलिवरी करने वालों का मास्क पहनना, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। मुंबई मेट्रोपॉलिटन, पुणे मेट्रोपॉलिटन और कंटेनमेंट जोन में अखबार वितरण की अनुमति नहीं दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed