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Hindi News ›   India News ›   Coronavirus in India: Medical Politics is being done instead of Medical Policy

कोरोना संकट: 'मेडिसिन पॉलिसी' की जगह चल रही 'मेडिसिन पॉलिटिक्स'

Sun, 18 Apr 2021 09:40 PM IST
गौरव पाण्डेय आशीष तिवारी, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 18 Apr 2021 09:40 PM IST
सार

पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ और राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक के मुख्यमंत्री लगाते रहे दबाव के ना मिलने का आरोप। अब भाजपा शासित राज्यों ने लगाया महाराष्ट्र सरकार पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ना देने का आरोप।

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Coronavirus in India: Medical Politics is being done instead of Medical Policy
भारत में कोरोना टीकाकरण - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

पूरे देश में कोरोना को लेकर हालात बहुत ही भयावह हो चुके हैं। न अस्पतालों में जगह है, न दवाएं हैं और न जीवन रक्षक ऑक्सीजन है। बावजूद इसके राज्य सरकारें केंद्र सरकार पर और सत्तापक्ष की राज्य सरकारें अन्य राज्यों पर दवाएं न देने से लेकर ऑक्सीजन की आपूर्ति न करने का आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है ऐसे हालात में सबको एक साथ मिलकर काम करना चाहिए न कि दोषारोपण करते हुए मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जाना चाहिए।

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'मेडिसिन पॉलिसी' की बजाय 'मेडिसिन पॉलिटिक्स' पर देश में इस वक्त जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। महाराष्ट्र के एनसीपी नेता नवाब मलिक ने केंद्र सरकार पर विदेश से आयात करने वाली बड़ी कंपनियों से महाराष्ट्र में दवाएं न देने का आरोप लगाया है।  महाराष्ट्र सरकार के मंत्री के इन आरोपों के बाद तत्काल ही भाजपा शासित मध्य प्रदेश की सरकार ने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बनाने वाली कंपनियों को मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की आपूर्ति न करने के लिए कहा है। दोनों प्रदेशों की आपसी राजनीति के चलते दोनों ही राज्यों में मरीजों की अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन न मिलने की वजह से मौतें हो रही है। 
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मामला सिर्फ मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र तक ही नहीं है। इससे पहले पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार पर दवाओं से लेकर अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर न देने का आरोप लगाया था। पंजाब में लगातार पाए जा रहे कोविड संक्रमित मरीजों की हो रही मौतों पर केंद्र सरकार ने भी राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया था। राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसी तरीके के आरोप केंद्र सरकार पर लगाए थे। महाराष्ट्र सरकार लगातार केंद्र सरकार पर इस तरीके के आरोप लगाती आ रही है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी केंद्र सरकार पर मदद न करने का आरोप लगाया था। 
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दवाओं की किल्लत और उस पर होने वाली राजनीति पर केंद्र सरकार के मंत्रियों ने राज्य सरकारों की खामियों को गिनाया था। जिसमें पंजाब राजस्थान छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्य शामिल थे। उसके बाद ही राज्यों ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि केंद्र सरकार उनकी मदद नहीं कर रही है। दवाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर कोरोना की  लहर के बाद ज्यादा तेजी से शुरू हुआ।


राजनीतिक विशेषज्ञ प्रोफेसर आनंद कुमार कहते हैं की ऐसी आपदा में सभी सरकारों को एकजुट होकर काम करना चाहिए ना कि अपनी राजनीति को चमकाने के लिए दूसरे पर आरोप लगाने चाहिए उन विराम प्रोफेसर आनंद का कहना है कि केंद्र सरकार को भी ऐसे मौके नहीं देनी चाहिए कि राज्य सरकारें उन पर आरोप लगाए। उनका कहना है हालांकि मामले ज्यादातर राजनीतिक होते हैं लेकिन सभी जिम्मेदार अधिकारियों और राजनेताओं को इस वक्त मरीजों की मदद करने के लिए ही अपना पूरा का पूरा ध्यान लगाना चाहिए। 

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