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भारत के सामने कई आर्थिक चुनौतियां, विश्व बैंक ने दिए वृद्धि अनुमान घटाने के संकेत
Thu, 20 Aug 2020 12:35 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 20 Aug 2020 12:35 AM IST
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world bank
- फोटो : अमर उजाला
साल 2020 भारत समेत दुनियाभर में अच्छा नहीं रहा। भारत में शायद ही कोई सेक्टर ऐसा हो जिस पर कोरोना का असर न रहा हो। कोरोना की मार कुछ पर तो काफी गहरी पड़ी है।
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वहीं अब विश्व बैंक ने संकेत दिए हैं कि वह भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटा सकता है। विश्व बैंक ने अपने बयान में कहा है कि कोविड 19 के संकट से बाहर आना है तो स्वास्थ्य, भूमि, कौशल और वित्त जैसे क्षेत्रों में अधिक सुधार लाने की जरूरत है।
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विश्व बैंक मई में आशंका जता चुका है कि भारत की अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 2020-21 में लगभग 3.2 फीसदी की गिरावट आ सकती है। अगले वर्ष में धीरे धीरे पटरी पर आ सकती है।
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बहुपक्षीय संस्थान ने बुधवार को भारत के बारे में जारी रिपोर्ट में कहा कि हाल के सप्ताह में चुनौतियां उभरी हैं। इसका निकट भविष्य में संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। इन जोखिमों में वायरस का लगातार फैलना, वैश्विक परिदृश्य में और गिरावट तथा वित्तीय क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव का अनुमान शामिल हैं।’’
साथ ही संस्थान ने कहा, ‘‘इन चीजों को ध्यान में रखते हुए, संशोधित परिदृश्य में तीव्र गिरावट का अनुमान रखा जा सकता है। संशोधित परिदृश्य अक्तूबर, 2020 में उपलब्ध होगा।’’
विश्वबैंक का अनुमान है कि भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 6.6 फीसदी हो सकता है और बाद के वर्ष में 5.5 फीसदी के उच्च स्तर पर बना रह सकता है। उसने कहा, ‘‘महामारी का अर्थव्यवस्था पर वैसे समय प्रभाव पड़ा है जब अर्थव्यवस्था में पहले से ही गिरावट हो रही थी।’’
आपको बता दें कि भारत की जीडीपी 2017-18 में सात फीसदी की वृद्धि हुई थी, जो 2018-19 में घटकर 6.1 फीसदी और 2019-20 में 4.2 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि विश्व बैंक ने कहा है भारत ने नीतिगत मोर्चे पर कई सुधार किए हैं, इनमें कंपनी कंपनी दर में कटौती, छोटे कारोबारियों के लिए नियमों में ढील,आयकर की दरो में कटौती जैसे सुधार शामिल हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने आर्थिक मौर्चे पर जो भी छूट उद्योगों और आम नागरिकों को दी थी। कोरोना महामारी के कारण उनका परिणाम सही नहीं रहा। अब देखना होगा भारत सरकार की नई नीतियां अर्थव्यवस्था में कितना सुधार लाती है।