फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Coronavirus impact: Indians are not able to sleep due to Corona, 72 percent people under stress for family

कोरोना के कारण लोगों को नहीं आ रही है नींद, परिवार के बारे में सोचकर बढ़ रहा तनाव

Thu, 30 Apr 2020 01:29 PM IST
प्रदीप पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रदीप पाण्डेय Updated Thu, 30 Apr 2020 01:29 PM IST
सार

  • 72 फीसदी भारतीय परिवार की सुरक्षा को लेकर हैं परेशान
  • कोरोना के डर से 12 फीसदी लोगों को नहीं आती नींद
  • 40 फीसदी लोगों ने माना कोरोना के बारे सोचने से बढ़ती है बेचैनी

विज्ञापन
Coronavirus impact: Indians are not able to sleep due to Corona, 72 percent people under stress for family
lockdown life India - फोटो : pti

विस्तार

लॉकडाउन के कारण भारत में जो जिस जगह पर है, वह वहीं का हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा करते हुए कहा था कि जो जहां है, वहीं रहे, घर से बाहर ना निकले। कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स भी शेयर हुए कि कोरोना वायरस बहुत ही स्वाभिमानी है, जब तक आप उसके पास नहीं जाते, तब तक वह आपके पास नहीं आएगा। कोरोना वायरस के कारण लोगों में तनाव बढ़ा है और लॉकडाउन की वजह से लोगों को अपने परिवार की चिंता सता रही है।

विज्ञापन


एशियन जर्नल ऑफ सायकाइट्री की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के 72 फीसदी लोग परिवार और खुद की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। यह सर्वे अप्रैल के पहले सप्ताह में 662 लोगों पर हुआ है जिसमें 18 साल से अधिक उम्र के लोग शामिल थे।
विज्ञापन


सर्वे में शामिल 40 फीसदी लोगों ने माना की कोरोना महामारी के बारे में सोचते ही वे विचलित हो जाते हैं। उनका दिमाग स्थिर नहीं रहता। 41 फीसदी लोगों ने कहा है कि जैसे ही पता चलता है कि कोई पहचान वाला बीमार हो गया तो हमारी बेचैनी दोगुनी हो जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना के बारे में सोचकर नहीं आ रही नींद

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ दिन पहले लोगों को आगाह करते हुए कहा था कि कोरोना के बारे में चिंता और घबराहट बढ़ाने वाली खबरों से दूर रहें। कोरोना के कारण लोगों को नींद नहीं आ रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 फीसदी भारतीयों को कोरोना के डर के कारण नींद नहीं आ रही है। इसके अलावा लॉकडाउन और कोरोना की वजह से लोगों में अवसाद की शिकायतें सामने आ रही हैं। बता दें कि भारत में सामान्य स्थिति में भी 7.5 फीसदी लोग मानसिक रोगी हैं जिनमें से बहुत ही कम लोगों को इलाज मिल पाता है।

 

अमेरिका और ब्रिटेन के लोगों में भी बढ़ा अवसाद

लॉकडाउन और कोरोना की वजह से सिर्फ भारत के लोग ही अवसादग्रस्त नहीं हो रहे हैं, बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन में भी ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है। ब्रिटेन में लॉकडाउन के कारण कमाई ना होने से 35 साल से कम उम्र के बहुत सारे लोग अवसाद से पीड़ित हो गए हैं। ब्रिटेन में करीब 38 फीसदी लोग तनाव में हैं और 36 फीसदी लोगों को किसी-ना-किसी बात को लेकर घबराहट हो रही है।

बता दें कि लॉकडाउन से पहले यही आंकड़ा 16 और 17 फीसदी था। सर्वे में यह भी सामने आया है कि कोरोना के कारण 45 फीसदी अमेरिकियों की मानसिक स्थिति बिगड़ी है, जबकि 61 फीसदी पुरुषों और 77 फीसदी महिलाओं में कोरोना के कारण डर पैदा हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed