कोरोना का असर: 12 प्रमुख औषधीय रसायनों-विटामिन के निर्यात पर लगेगी पाबंदी, समिति ने की सिफारिश

सार

चीन से दवाओं के कच्चे माल की आपूर्ति पर नजर रखने के लिए गठित एक सरकारी समिति ने कुछ एंटीबायोटिक और विटामिनों सहित 12 प्रमुख औषधीय रसायानों और औषधियों के निर्यात पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की गई है।
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Yogesh Sahu पीटीआई, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 19 Feb 2020 11:08 PM IST
चीन के वुहान से फैला कोरोनावायरस
चीन के वुहान से फैला कोरोनावायरस - फोटो : PTI

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विस्तार

चीन से दवाओं के कच्चे माल की आपूर्ति पर नजर रखने के लिए गठित एक सरकारी समिति ने कुछ एंटीबायोटिक और विटामिनों सहित 12 प्रमुख औषधीय रसायानों और औषधियों के निर्यात पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की गई है। यह जानकारी एक सरकारी पत्र से मिली है। बता दें कि चीन में फैले खतरनाक कोरोना वायरस को देखते हुए यह सिफारिश की गई है।
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जानकारी के अनुसार, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) को लिखे गए एक पत्र में रसायन एव उर्वरक मंत्रालय में उप सचिव एम के भारद्वाज ने 12 एपीआई और औषधि के निर्यात पर पाबंदी लगाने के लिए कहा है। इन 12 एपीआई और औषधि में कोरामफेनिकॉल, निमोसीन, मेट्रोनिडाजोल जैसे एंटीबायोटिक और विटामिन बी 1, बी12 और बी 6 शामिल हैं।


वहीं औषधि विभाग ने संयुक्त औषधि नियंत्रक की अगुवाई में एक समिति का गठन किया है। यह समिति चीन से आयात होने वाले एपीआई और अन्य कच्चे माल की आपूर्ति और कोरोनावायरस के प्रभाव पर नजर रख रही है। 

नीति आयोग ने की दवा कंपनियों के साथ बैठक
उधर, नीति आयोग ने बुधवार को औषधि क्षेत्र की कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक की। यह बैठक चीन में फैले कोरोनावायरस के कारण दवाओं में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख रसायन की आपूर्ति में बाधा के प्रभाव पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी।

सूत्रों के अनुसार प्रमुख रसायन (एपीआई) को घरेलू स्तर पर बनाने को गति देने और चीन से आयात पर निर्भरता में कमी लाने के इरादे से बैठक में कई उपायों पर चर्चा हुई। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ कांत ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इसमें औषधि विभाग के सचिव पीडी वघेला और बायोकॉन की चेयरपर्सन तथा प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार शॉ समेत अन्य मौजूद थे।

इस बैठक के बाद कांत ने एक ट्वीट में जानकारी दी कि औषधि क्षेत्र की कंपनियों के प्रमुखों के साथ सार्थक, रचनात्मक और सकारात्मक बैठक हुई। इस दौरान एपीआई (प्रमुख रसायन) के घरेलू विनिर्माण पर चर्चा हुई। इस मामले में भारत आयात पर निर्भर है।

बैठक में देश में परिवेश बनाने के लिए नीतिगत उपायों पर सहमति बनी। सूत्रों के अनुसार कांत ने उद्योग प्रमुखों से कहा है कि उन्हें चीन को पीछे छोड़ने के लिए वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनने की कोशिश करनी चाहिए।

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