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हॉटस्पॉट पर लगेंगे सीसीटीवी, ड्रोन के जरिए कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर नजर रखेंगे सुरक्षा बल

Mon, 13 Apr 2020 05:23 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 13 Apr 2020 05:23 PM IST
सार

अब आगे से कोई भी मरीज क्वारंटीन सेंटर या अस्पताल से न भागने पाए, इसलिए राज्यों की पुलिस अपनी खुफिया इकाई के साथ वहां पर तैनात रहेगी।  जिन जगहों पर स्थायी भवन हैं, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।

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coronavirus: cctv, drone and security forces will posted at quarantine centres and hot spots
ITBP Quarantine Centre, Chhawla, New Delhi - फोटो : Social Media

विस्तार

केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोरोना के हॉटस्पॉट पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। खासतौर पर, क्वारंटीन सेंटर और अस्पताल, जहां पर कोरोना के पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं, वहां किसी तरह की कोई लापरवाही न हो, इसके लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
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कोरोना पॉजिटिव केस, संदिग्ध मरीज और क्वारंटीन में रह रहे लोगों की सुरक्षा, उन पर नजर रखने के लिए लोकल पुलिस, राज्यों की सीक्रेट यूनिट एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है।

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अब आगे से कोई भी मरीज क्वारंटीन सेंटर या अस्पताल से न भागने पाए, इसलिए राज्यों की पुलिस अपनी खुफिया इकाई के साथ वहां पर तैनात रहेगी। जिन जगहों पर स्थायी भवन हैं, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी क्वारंटीन सेंटर और अस्पतालों की निगरानी की जा रही है।
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गृह मंत्रालय के लिए चिंता की बात केवल यह है कि कुछ जगहों पर अस्पताल या क्वारंटीन सेंटर से लोग भाग जाते हैं। ये सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति है। क्वारंटीन सेंटर पर आत्महत्या करने जैसी खबरें भी आई हैं। साथ ही इन सेंटरों पर जानबूझकर गंदगी फैलाने के मामले देखने को मिले हैं।


मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि ये नकारात्मक कार्य कोरोना की जीती हुई लड़ाई को हार में तब्दील करा सकते हैं। किसी हॉटस्पॉट पर बने क्वारंटीन सेंटर से संदिग्ध मरीज का भाग जाना, ये सबसे बड़ी चिंता का कारण है।

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव का कहना है कि सभी राज्यों से कहा गया है कि वे डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के अलावा क्वारंटीन सेंटर पर भी नजर रखें। यहां पर लोगों को पूर्ण सुरक्षा में रखा जाए।
 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल पहले ही कह चुके हैं कि देश में अभी तक कोरोना के 80 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जिनमें लक्षण बेहद सामान्य हैं। केवल 20 फीसदी केस ही गंभीर लक्षण वाले हैं। कोरोना के मरीजों का इलाज भी तीन स्तरों पर किया जा रहा है।

पहले स्तर पर संदिग्ध मरीजों को क्वारंटीन सेंटर में लाया जाता है। यदि उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उन्हें कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया जाता है। यहां पर भर्ती मरीज की हालत ज्यादा खराब होती है, तो उसे कोविड अस्पताल में ले जाते हैं।



हालांकि ऐसे मरीजों की संख्या महज 15 प्रतिशत ही होती है। केरल, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे कई दूसरे राज्य कोरोना की लड़ाई में अच्छा काम कर रहे हैं। यहां पर पहले के मुकाबले स्थिति बेहतर होती जा रही है। देश के कुछ राज्यों को छोड़ दें तो बाकी जगहों से लॉकडाउन के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं।

देश में अभी तक कोरोना के 9152 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।796 नए केस आए हैं तो वहीं 857 लोग ठीक हो चुके हैं।308 लोगों की मौत हुई है।

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