{"_id":"5ed72ac98ebc3e08ed247462","slug":"coronavirus-cases-in-india-surpassed-2-lakh-doubling-over-15-days-icmr-says-we-are-far-away-from-peak","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना: भारत में दो लाख के पार हुई संख्या, आईसीएमआर ने कहा- हम खतरे से दूर हैं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना: भारत में दो लाख के पार हुई संख्या, आईसीएमआर ने कहा- हम खतरे से दूर हैं
Wed, 03 Jun 2020 01:20 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Wed, 03 Jun 2020 01:20 PM IST
सार
- महामारी: देश में सामुदायिक फैलाव होने से आईसीएमआर का इनकार
- टेस्टिंग बढ़ाने के लिए अन्य स्वतंत्र प्लेटफॉर्म्स का भी कर रहे इस्तेमाल
- 681 लैब कोरोना वायरस के लिए मान्यता प्राप्त, इनमें 476 हैं सरकारी
विज्ञापन
तापमान जांचता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में कोरोना वायरस मामलों की संख्या दो लाख से ऊपर पहुंच गई है। लगभग 15 दिनों में मामले दोगुना बढ़े हैं। ऐसा तब हुआ है जब परिवहन सेवाएं और आर्थिक गतिविधियों को दोबारा चालू कर दिया गया है जिससे मामलों के बढ़ने का खतरा और बढ़ गया है। वैश्विक तौर पर कोविड-19 के 6.4 मिलियन मामले सामने आए हैं जबकि 380,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
भारत की बात करें तो यहां बुधवार तक 5,813 लोगों की मौत हो गई। देश में मृत्यु दर 2.8 प्रतिशत है जबकि विश्व में यह दर 5.9 प्रतिशत है। भारत में लगभग एक चौथाई मामले पिछले हफ्ते सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को कहा, ‘हमारी कोविड-19 की वजह से होने वाली मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम 2.82 प्रतिशत है। दुनिया में यह दर 6.13 प्रतिशत है। हम मामलों की समय पर पहचान और उचित नैदानिक प्रबंधन के कारण इसे प्राप्त करने में सक्षम हुए हैं।’
विज्ञापन
राज्यों के आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि देश में अब तक 100,289 मरीज इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं। जिसके साथ ही ठीक होने की दर 48.4 प्रतिशत हो गई है। यह दुनिया भर में संक्रमण के सबसे आशाजनक आंकड़ों में से एक है। मृत्यु दर में कमी और ठीक होने की दर में इजाफा से संकेत मिलता है कि दुनिया की तुलना में भारत में इसका प्रभाव उतना गंभीर नहीं है।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस का पीक ( उच्चतम स्तर) अभी आना बाकी है। प्रीप्रिंट सर्वर मेडरिक्स पर एक विश्लेषण से पता चला है कि समय के साथ विभिन्न बिंदुओं पर देश के विशाल भूगोल में स्वतंत्र क्षेत्रीय संकट पैदा हो सकते हैं। 'भारत में फैले कोविड-19 पर लॉकडाउन प्रभाव' शीर्षक वाले शोध पत्र में कहा गया है कि जुलाई के अंत तक वायरस के पीक की शुरुआत हो सकती है और यह सितंबर तक रह सकता है। अन्य शोध में कहा गया है कि वायरस की दूसरी लहर इस साल सर्दियों में आ सकती है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) का कहना है कि भारत अभी पीक से काफी दूर है। आईसीएमआर की वैज्ञानिक निवेदिता गुप्ता ने कहा, ‘कोविड-19 को रोकने के लिए हमारे निवारक उपाय बहुत प्रभावी रहे हैं।’
डॉक्टर निवेदिता ने कहा, दुनिया के बाकी देशों की तुलना में भारत कोरोना मृत्यु-दर को लेकर अभी नियंत्रण की स्थिति में है। हम कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने के लिए अन्य स्वतंत्र प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। ट्रूनेट स्क्रीनिंग व कन्फर्मेट्री टेस्ट को भी मान्यता दे दी गई है। इससे टेस्टिंग का दायरा बढ़ा है देश की 681 लैब कोरोना टेस्ट के लिए मान्यता प्राप्त हैं। इनमें से 476 सरकारी और 205 प्राइवेट हैं। हर दिन 1.20 लाख नमूनों की जांच की जा रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने कहा, भारत में फिलहाल कोरोना वायरस से मृत्यु-दर 2.82 फीसदी है। कोरोना से मरने वाले 73 फीसदी लोगों को अन्य तरह की दिक्कतें भी थी। हमारी कोशिश समय से कोरोना मामलों की पहचान और इलाज की है। उन्होंने कहा, जब देश लॉकडाउन से अनलॉक की स्थिति की ओर बढ़ रहा है, तो ऐसे में हर नागरिक को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा बार-बार हाथ धोने की आदत, चेहरे पर मास्क लगाना इत्यादि पर अमल करना होगा। अभी तक देश के नागरिकों के सहयोग से ही भारत कोरोना वायरस को काफी हद तक नियंत्रण कर पाने में कामयाब हुआ है।