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कोरोना संक्रमण से ठीक होने के छह माह बाद मरीजों के फेफड़ों में मिल रहा ब्लॉकेज
Fri, 13 Nov 2020 08:20 AM IST
Kuldeep Singh
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 13 Nov 2020 08:20 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले गंभीर मरीजों में रिकवरी काफी कम देखने को मिल रही है लेकिन जो संक्रमण को हराने में कामयाब हो रहे हैं। उनमें 3 से 6 माह बाद फेफड़ों में ब्लॉकेज मिल रहा है। अब तक ऐसे कई मरीज सामने आ चुके हैं जिन्हें संक्रमण से रिकवर होने के बाद भी अस्पताल में आकर भर्ती होना पड़ा। दिल्ली सहित देश के कई महानगरों के अस्पतालों में यह स्थिति मिल रही है।
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100 से भी ज्यादा मरीजों में मिले लक्षण, गंभीर रोगियों में ज्यादा हो रही दिक्कत
जानकारी के अनुसार, अब तक 100 से भी अधिक ज्यादा मरीज मिल चुके हैं जो कोरोना संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो गए लेकिन बाद में उन्हें फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, यह कोरोना संक्रमण के बाद वाले दुष्प्रभाव हैं। इंग्लैंड के नेशनल हेल्थ सर्विसेज के सलाहकार डॉ. अशोक जैनर का कहना है कि दुनिया के कई देशों में यह ऐसे ही देखने को मिल रही है लेकिन भारत में यह तेजी से सामने आ रही हैं।
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एक और देश में 93 फीसदी के करीब रिकवरी दर है। वहीं संक्रमण से स्वस्थ होने वाले लोगों की निगरानी ना होने की वजह से पोस्ट कोविड स्थिति का सही आकलन भी नहीं हो पा रहा है। कुछ मामले तो ऐसे हैं जिनमें संक्रमण से ठीक होने के 2 सप्ताह बाद ही फेफड़ों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली।
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50 प्रतिशत में फेफड़ों में मिला फाइब्रोसिस
डॉक्टर जैनर ने बताया कि भारत में ही उनके एक डॉक्टर मित्र ना संक्रमित हुए थे। चार सप्ताह बाद जब उन्होंने फेफड़ों की जांच कराने का फैसला लिया तो उन्हें अपने 50 फीसदी फेफड़ों में फाइब्रोसिस की दिक्कत मिली। उन्होंने चेस्ट एक्सरे कराने के बाद अपना उपचार करा लिया लेकिन काफी संख्या में मरीज अभी भी ऐसे हैं जिन्होंने संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद अपनी जांच नहीं कराई है।