कोरोनावायरस के डर से बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर लगी रोक, अब रजिस्टर पर लग रही हाजिरी
- प्रधानमंत्री मोदी ने लागू किया था सरकारी विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम
- इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट में शुरू हुई व्यवस्था
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इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (ICAR) में गुरुवार से इसका पालन शुरू हो चुका है। आदेश के मुताबिक अगले आदेश तक यह व्यवस्था चालू रहेगी। जल्दी ही यह व्यवस्था अन्य विभागों या मंत्रालयों में भी लागू की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक विभागीय आदेश में कहा गया है कि कोरोना के संक्रमण से निबटने के लिए कई लोगों के हाथ के संपर्क में आने वाली चीजों के प्रयोग से यथासंभव बचने की बात कही गई है।
डोरबेल, हैंडल, पानी पीने के स्थान के साथ-साथ टॉयलेट्स में भी जिन चीजों के इस्तेमाल में हाथ का इस्तेमाल किया जाता है, उनके समय-समय पर सेनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाबत गुरुवार से ही सेनिटाइजेशन का काम शुरु भी कर दिया गया है।
सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा कदम माना गया था। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाकर सभी कर्मचारियों की कार्यालय में समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने का कथित रुप से निर्देश दिया था। फिलहाल कोरोना ने प्रधानमंत्री की उस पहल पर रोक लगा दी है।