फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   coronavirus america brazil pakistans irresponsible action can become threat of rapid spread of virus

अमेरिका, ब्राजील और पाकिस्तान का बर्ताव वायरस के खिलाफ लड़ाई को कर सकता है कमजोर 

Mon, 20 Apr 2020 11:34 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 20 Apr 2020 11:34 AM IST
विज्ञापन
coronavirus america brazil pakistans irresponsible action can become threat of rapid spread of virus
मरीज की जांच करते डॉक्टर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

इस समय जहां दुनिया के सभी देश कोरोना वायरस को हराने में लगे हुए हैं। वहीं बहुत से ऐसे नेता हैं जो संकट की इस घड़ी में भी अपने गैर जिम्मेदाराना बर्ताव से बाज नहीं आ रहे हैं। वर्तमान में सभी का एकमात्र उद्देश्य वायरस को हराना होना चाहिए ताकि सभी इस अदृश्य वायरस से मुक्ति पा सकें। हालांकि ऐसा होता नहीं दिख रहा है। अमेरिका, ब्राजील और पाकिस्तान के नेताओं का रवैया न केवल गैर जिम्मेदाराना है बल्कि वह दूसरे देशों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं।

विज्ञापन


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट के जरिए अपने समर्थकों से डेमोक्रेटिक राज्य वर्जिनिया, मिशिगन और मिन्नेसोटा को मुक्त कराने के लिए कहा। इसने उन्हें खतरनाक व्यवहार में लिप्त होने, सामाजिक दूरी का मानदंडों की अवहेलना करने और व्यवसायों के लिए लॉकडाउन नियमों को आसान बनाने का अधिकार दे दिया। इससे लोगों की जिंदगियों के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
विज्ञापन


ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो ने अपने स्वास्थ्य मंत्री लुईज मैंडेटा को बर्खास्त कर दिया। लुईज सामाजिक दूरी और आइसोलेशन (अलगाव) की वकालत करते हैं। ब्राजील में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण मामलों के बावजूद बोल्सनारो ने महामारी के प्रकोप को एक छोटे से फ्लू से ज्यादा कुछ नहीं बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तान की बात करें तो इमरान खान की सरकार ने लोगों को मस्जिद के अंदर समूहों में नमाज पढ़ने की इजाजत है। जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हैं। वहीं दुनिया भर के मुस्लिम देशों ने प्रतिबंधों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी है जो कि सही भी है। इसमें उन्हें मौलवियों का पूरा समर्थन प्राप्त है।


इन घटनाओं को केवल किसी विशिष्ट देश की नीतिगत प्राथमिकता या उसके आंतरिक मुद्दों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर पड़ेगा। आधुनिक युग में जहां देसों की सीमाएं 100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं है, इस वजह से वायरस के प्रसार की गुंजाइश हमेशा बनी रहेगी। इसलिए सभी को मिलकर काम करने और मानवता को जीत दिलाने की जरुरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed