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महंगाई: कोरोनरी स्टेंट एक से चार हजार रुपये तक महंगा, 2017 से अब तक 10 हजार रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी
Wed, 05 Apr 2023 05:41 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 05 Apr 2023 05:41 AM IST
सार
राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने एक अन्य आदेश में कहा है कि पांच चिकित्सा उपकरणों की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है।
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stents सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
थोक मूल्य सूचकांक में बदलाव के चलते अब हार्ट के ब्लॉकेज खोलने के लिए कोरोनरी स्टेंट महंगा पड़ेगा। राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने कोरोनरी स्टेंट की नई कीमतों को लेकर आदेश जारी किया है, जिसके तहत बेयर मेटल स्टेंट (बीएमएस) और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट (डीईएस) स्टेंट की कीमत में उछाल आया है।
आदेश के अनुसार, बीएमएस स्टेंट की नई कीमत अब 10,509 रुपये होगी जबकि, डीईएस यानी दवा युक्त स्टेंट के लिए 38,265 रुपये देने होंगे। एनपीपीए के मुताबिक, यह स्टेंट का अधिकतम शुल्क है, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) शामिल नहीं है। पिछले वर्ष बीएमएस स्टेंट की कीमत 9,373 और डीईएस स्टेंट की 34,128 रुपये निर्धारित की गई थी।
हर साल होती है कीमतों की समीक्षा
इस मामले में एनपीपीए के चेयरमेन कमलेश कुमार पंत से टिप्पणी नहीं मिली है। वहीं, आदेश में एनपीपीए के शुल्क नियंत्रण शाखा के उप निदेशक महावीर सैनी ने कहा है, देश में कोरोनरी स्टेंट के मूल्य नियंत्रण में लाने के लिए 2017 में औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत शेड्यूल 1 में कोरोनरी स्टेंट को रखा गया, ताकि इनकी कीमत में कमी लाई जा सके। तब से हर साल नए वित्तीय वर्ष में इसकी कीमतों पर समीक्षा की जाती है। अब दोनों स्टेंट की कीमत पर क्रमश: 1,136 और 4,137 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह फर्क है दोनों में : बीएमएस सामान्य स्टेंट होता है, जबकि खास तरह के डीईएस पर दवा लगी होती है। इसलिए उसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है।
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पहले चुकाने पड़ते थे दो लाख तक
2017 से पहले देश के अस्पतालों में मेटल स्टेंट 30 से 75 हजार में मिल रहा था और डीईएस स्टेंट के लिए 40 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे। मरीजों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार 13 फरवरी 2017 को स्टेंट को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाई थी। 2017 में केंद्र जब स्टेंट की कीमतों को नियंत्रण में लाई थी तब से बीएमएस पर 2,849 और डीईएस स्टेंट पर 10,375 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
पांच उपकरण की कीमत में बदलाव नहीं
राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने एक अन्य आदेश में कहा है कि पांच चिकित्सा उपकरणों की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। 31 मार्च 2023 तक की अधिसूचना को बढ़ाकर 30 जून 2023 या फिर अगले आदेश तक के लिए मान्य किया है। इनमें पल्स ऑक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग मशीन, नेब्युलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर शामिल हैं।
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आदेश के अनुसार, बीएमएस स्टेंट की नई कीमत अब 10,509 रुपये होगी जबकि, डीईएस यानी दवा युक्त स्टेंट के लिए 38,265 रुपये देने होंगे। एनपीपीए के मुताबिक, यह स्टेंट का अधिकतम शुल्क है, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) शामिल नहीं है। पिछले वर्ष बीएमएस स्टेंट की कीमत 9,373 और डीईएस स्टेंट की 34,128 रुपये निर्धारित की गई थी।
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हर साल होती है कीमतों की समीक्षा
इस मामले में एनपीपीए के चेयरमेन कमलेश कुमार पंत से टिप्पणी नहीं मिली है। वहीं, आदेश में एनपीपीए के शुल्क नियंत्रण शाखा के उप निदेशक महावीर सैनी ने कहा है, देश में कोरोनरी स्टेंट के मूल्य नियंत्रण में लाने के लिए 2017 में औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत शेड्यूल 1 में कोरोनरी स्टेंट को रखा गया, ताकि इनकी कीमत में कमी लाई जा सके। तब से हर साल नए वित्तीय वर्ष में इसकी कीमतों पर समीक्षा की जाती है। अब दोनों स्टेंट की कीमत पर क्रमश: 1,136 और 4,137 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह फर्क है दोनों में : बीएमएस सामान्य स्टेंट होता है, जबकि खास तरह के डीईएस पर दवा लगी होती है। इसलिए उसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है।
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पहले चुकाने पड़ते थे दो लाख तक
2017 से पहले देश के अस्पतालों में मेटल स्टेंट 30 से 75 हजार में मिल रहा था और डीईएस स्टेंट के लिए 40 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे। मरीजों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार 13 फरवरी 2017 को स्टेंट को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाई थी। 2017 में केंद्र जब स्टेंट की कीमतों को नियंत्रण में लाई थी तब से बीएमएस पर 2,849 और डीईएस स्टेंट पर 10,375 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
पांच उपकरण की कीमत में बदलाव नहीं
राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने एक अन्य आदेश में कहा है कि पांच चिकित्सा उपकरणों की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। 31 मार्च 2023 तक की अधिसूचना को बढ़ाकर 30 जून 2023 या फिर अगले आदेश तक के लिए मान्य किया है। इनमें पल्स ऑक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग मशीन, नेब्युलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर शामिल हैं।