महाराष्ट्र में कोरोना : नागपुर के बाद अकोला में भी लगा लॉकडाउन, पुणे में नाइट कर्फ्यू का एलान
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कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र के अकोला में आज रात आठ बजे से संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया गया है। यह लॉकडाउन सोमवार यानी 15 मार्च तक सुबह आठ बजे तक रहेगा। लॉकडाउन के दौरान जरूरी सेवाओं के लिए छूट रहेगी।
नागपुर, अकोला के बाद पुणे में भी नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुणे में रात 11 बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान किया गया है। यही नहीं 31 मार्च तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इसके अलावा होटल और बार रात दस बजे से सुबह छह बजे तक बंद रहेंगे।
इसके अलावा महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि परभानी जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हमने वहां आज रात 12 बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। हम परभानी जिले और आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों से अनुरोध करते हैं कि सरकार के इस फैसले पर अपना सहयोग दें।
Due to increase in #COVID19 cases in Parbhani district, we have decided that lockdown will be imposed tonight from 12 am upto Monday morning 6 am. We appeal to the people of Parbhani and other neighbouring districts, to cooperate: Nawab Malik, Maharashtra cabinet minister pic.twitter.com/WeekDXX4LR
— ANI (@ANI) March 12, 2021
बता दें कि देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे में 23,000 से ज्यादा कोरोना के दैनिक मामले सामने आए। ये बीते कुछ दिनों में कोरोना के दैनिक मामलों में सबसे बड़ा आंकड़ा है। महाराष्ट्र और केरल समेत छह राज्यों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में मौजूदा समय में कोरोना के जितने मामले हैं तो उनमें से 71.69 फीसदी मामले महाराष्ट्र और केरल से ही हैं। केंद्र सरकार इन राज्यों पर खास नजर बनाए हुए हैं।
मौजूदा समय में देश में कोरोना के सक्रिय मामले 1.97 लाख से भी ज्यादा हैं। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में कोरोना के 14,000 से ज्यादा दैनिक मामले सामने आए। वहीं केरल में 2,133 मामले दर्ज किए गए। वहीं पंजाब में एक हजार से ज्यादा दैनिक मामले दर्ज किए गए हैं।
पंचायत चुनावों में भीड़, नियमों की अनदेखी से बढ़े मामले - विशेषज्ञ
वहीं महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को विशेषज्ञ इस साल मध्य जनवरी में ग्राम पंचायत के हुए चुनाव और आम लोगों के साथ नेताओं द्वारा कोविड-19 से जुड़े नियमों के पालन में बरती ढिलाई से जोड़कर देखते हैं। मुंबई, पुणे और ठाणे ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा इलाके समेत विभिन्न शहरों और नगरों में मामले बढ़े हैं। संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य के कई शहरों और जिलों में लॉकडाउन या विभिन्न पाबंदी लगाई गई है।
कोविड-19 प्रबंधन पर महाराष्ट्र सरकार के सलाहकार डॉ. सुभाष सालुंके ने कहा कि लोगों की सघन जांच होनी चाहिए और संक्रमितों के संपर्क का पता लगाना चाहिए। संक्रमण की रोकथाम के लिए ये दो बुनियादी चीजें हैं।' उन्होंने कहा कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति का जल्द पता लगाया जाए और उसे पृथक-वास में भेजा जाए।
जितनी जल्दी से यह काम होगा स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि मध्य जनवरी में ग्राम पंचायत के दौरान जमावड़ा बढ़ने की वजह से फरवरी में कोविड-19 के मामले बढ़ने लगे। सालुंके ने कहा, ‘जनवरी के तीसरे सप्ताह में 12,000 गांवों के ग्राम पंचायत चुनाव के परिणाम आए थे। इसके बाद जीतने वाले उम्मीदवारों ने अपने-अपने गांव में जमावड़ा किया और इस दौरान मास्क पहनने और सामजिक दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन नहीं हुआ।’