Corona Vaccine Precaution Dose: जिस वैक्सीन की दोनों डोज लगी, उसी की तीसरी खुराक भी दी जाएगी, केंद्र ने दी जानकारी
देश में 10 जनवरी से कोरोना वैक्सीन की एहतियाती खुराक की शुरुआत होनी है। फिलहाल यह फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और 60 साल से ज्यादा उम्र के गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को ही दी जाएगी।
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने कोरोना के एहतियाती डोज पर बड़ी बात बताई। केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ किया कि कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लगवा चुके लोगों को उसी वैक्सीन की तीसरी डोज दी जाएगी। यानी अगर किसी व्यक्ति को कोविशील्ड की दोनों डोज लगी है, तो उसे तीसरी खुराक भी कोविशील्ड की ही दी जाएगी। दरअसल, देश में 10 जनवरी से कोरोना वैक्सीन की एहतियाती खुराक की शुरुआत होनी है। फिलहाल यह फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और 60 साल से ज्यादा उम्र के गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को ही दी जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में कहा कि निजी अस्पताल जो कोरोना टीकाकरण केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं, वे अपने डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों को अपने अस्पताल में ही टीका लगा सकते हैं। वे लागत वहन करने का विकल्प चुन सकते हैं और अपने पात्र कर्मचारियों को मुफ्त में एहतियाती खुराक दे सकते हैं या वे इसके लिए शुल्क भी ले सकते हैं।
अब तक 148 करोड़ से अधिक खुराक दी गई
राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत लोगों को टीकों की 148 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है। भूषण ने कहा कि 91 प्रतिशत वयस्क आबादी को कम से कम एक खुराक लगा दी गई है। वहीं, 66 फीसदी आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि 15 से 18 वर्ष की आयु के 17 फीसदी से अधिक किशोरों को भी इस वर्ग के लिए टीकाकरण शुरू होने के तीन दिनों के अंदर पहली खुराक दी जा चुकी है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि ये सभी ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं।
एनटीएजीआई ने सिफारिश की थी
इससे पहले टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने सिफारिश की थी कि पात्र लाभार्थियों को एहतियाती खुराक के रूप वहीं टीके दिए जाएं जिसकी दो खुराक पहले दी गई है।
तैयारी रखने के दिए निर्देश
इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स, दिल्ली, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़, जिपमर, पुडुचेरी और अन्य एम्स संस्थानों के निदेशक को पत्र लिखकर ईसीआरपी के तहत संस्थानों को उपलब्ध कराए गए धन का उपयोग कोरोना के खिलाफ लड़ाई में करने के लिए कहा है। इसके साथ ही परीक्षण टूल्स और किटों की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए उपयोग किए जाने वाले अनुदान का उपयोग करने के लिए कहा है। इसका मकसद है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच किट जैसी चीजों की कमी से बचा जा सके।