Corona Vaccination: वैक्सीन लेने वाले बच्चों की सरकार करेगी निगरानी, नई महामारी आने पर इस डाटा से मिलेगी मदद
अफसरों का कहना है कि हम इस शोध के जरिए यह देखना चाहते हैं कि बच्चे समय के साथ टीकों के प्रति कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। हमारे पास अभी उपलब्ध टीकों पर आधारित प्रतिरोधक क्षमता से जुड़े डाटा हैं। हमें बच्चों के प्रतिरोधक क्षमता से जुड़े नतीजों पर एक डाटाबेस बनाने की जरूरत है...
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देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच 18 साल से कम उम्र के कोविड-19 टीका पाने वाले बच्चों पर रिसर्च शुरू हो गई है। इस शोध में बच्चों की बीमारी से संबंधित सारा डाटा तैयार किया जाएगा। अगर कोई दूसरी महामारी फिर से देश में शुरू होती है तो सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय इस डाटाबैंक के जरिए बच्चों को लेकर नई नीतियां तैयार कर सकेगा। इस शोध के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को टीकाकरण तकनीकी सहायता इकाई (आईटीएसयू) तकनीकी-प्रबंधन समर्थन देगा।
टीकाकरण पर आधारित राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) से जुड़े अफसरों का कहना है कि कोविड-19 टीके लेने वाले बच्चों की लंबी अवधि तक निगरानी की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत बच्चों के समान समूह के आंकड़े जुटाए जाएंगे और उनकी निगरानी लंबी अवधि तक मसलन पांच साल, 10 साल, 15 साल या इससे अधिक तक की जाएगी। अगर कोई दूसरी महामारी फिर से शुरू होती है तब हमारे पास नीतियां बनाने के लिए डाटाबैंक तैयार होगा।
भविष्य की नीतियां तैयार करने में होगी आसानी
अफसरों का कहना है कि टीका लेने वाले बच्चों की निगरानी करते वक्त कई तरह की बातों को ध्यान रखना होता है। इनमें यह देखना होता है कि उन्हें संक्रमण लगने के समय से लेकर बीमारी होने तक कौन-कौन से लक्षण आए हैं। फिर यह भी देखना होता है कि कितने बच्चे गंभीर रूप से बीमार हुए और उन्हें कौन सा टीका मिला है और अगर वे संक्रमित हुए हैं तो संक्रमण का रुझान कैसा रहा, कोई दुष्प्रभाव दिखा या नहीं। महामारी विज्ञान से जुड़े लोग इन्हीं प्रमुख आंकड़ों पर गौर करते हैं। जिससे भविष्य की नीतियां तैयार करने में आसानी होती है। फिलहाल हमारे पास बच्चों को दिए जाने वाले टीके से जुड़ी प्रतिरोधक क्षमता का डाटा है। लेकिन, विशेषज्ञ इस बात की ओर इशारा करते रहे हैं कि टीकाकरण के असर, कोविड-19 बीमारी को समझने और उसके मुताबिक नीतियां तैयार करने के लिए एक बड़े डाटा-बैंक की आवश्यकता होती है।
अफसरों का कहना है कि हम इस शोध के जरिए यह देखना चाहते हैं कि बच्चे समय के साथ टीकों के प्रति कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। हमारे पास अभी उपलब्ध टीकों पर आधारित प्रतिरोधक क्षमता से जुड़े डाटा हैं। हमें बच्चों के प्रतिरोधक क्षमता से जुड़े नतीजों पर एक डाटाबेस बनाने की जरूरत है। हमें उन बच्चों पर कुछ वक्त तक नजर रखने की जरूरत होती है जिन्हें टीके दिए जाते हैं ताकि उनमें बीमारी की घटनाओं पर नजर रखी जा सके।
भारत में घटे कोरोना के मामले, 24 घंटे में 6594 नए मामले
इस बीच भारत में कोरोना के मामलों में गिरावट देखने को मिली है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 6,594 नए मामले सामने आए हैं। कल यानि सोमवार के मुकाबले कोरोना के मामलों में बड़ी संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को कोरोना के 8,084 मामले सामने आए थे। मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के सक्रिय मामले 50,548 हो गए हैं। वहीं रोजाना की पॉजिटिविटी दर 2.05 फीसदी तक पहुंच गई है।