फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Corona Pandemic Yogesh Aggarwal owner of Rim Jhim Ispat helping Corona victims by giving oxygen cylinders in just one rupee

मानवता की मिसाल: रोजाना करोड़ों की कमाई छोड़ी, एक रुपये में दे रहे ऑक्सीजन सिलेंडर

Mon, 26 Apr 2021 04:32 AM IST
देव कश्यप आशीष तिवारी, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Mon, 26 Apr 2021 04:32 AM IST
सार

  • दुनिया की अग्रणी स्टील निर्माता कंपनी रिमझिम इस्पात ने पेश की मानवता की बड़ी मिसाल। समूचे उत्तर प्रदेश और आसपास के प्रदेशों में फ्री में दे रहे मेडिकल ऑक्सीजन।

विज्ञापन
Corona Pandemic Yogesh Aggarwal owner of Rim Jhim Ispat helping Corona victims by giving oxygen cylinders in just one rupee
रिमझिम इस्पात कंपनी के मालिक योगेश अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आप लोगों में से पता नहीं कितनों ने रिमझिम इस्पात का नाम सुना होगा। संभव है सुना ही ना हो। लेकिन हम आपको उत्तर प्रदेश के पिछड़े इलाके बुंदेलखंड में स्थित रिमझिम इस्पात के बारे में बताएंगे। स्टेनलेस स्टील के उत्पादन में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शामिल और देश की दूसरे नंबर की स्टील निर्माता कंपनी ने कोरोना काल में मची ऑक्सीजन त्राहि-त्राहि पर अपना करोड़ों रुपये का स्टील उत्पादन बंद कर जरूरतमंद अस्पतालों को निशुल्क मेडिकल ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


आज ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के राज्यों में भी रिमझिम इस्पात के ऑक्सीजन प्लांट से रोजाना तकरीबन ढाई हजार से ज्यादा गैस सिलेंडर अस्पतालों को निशुल्क भेजे जा रहे हैं। कंपनी के मालिक और कानपुर निवासी योगेश अग्रवाल कहते हैं मानवता की सेवा में इससे बढ़कर और कुछ नहीं है। उनका कहना है कि भले ही वह करोड़ों रुपये का रोज का स्टील प्रोडक्शन ना कर रहे हो, लेकिन एक इंसान की भी जान बचाना उनके लिए उन करोड़ों रुपये से ज्यादा कीमती है।
विज्ञापन


योगेश अग्रवाल ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र के हमीरपुर जिले में भरुआ सुमेरपुर गांव पड़ता है। इसी गांव में उनका रिमझिम इस्पात के नाम से स्टेनलेस स्टील की सबसे बड़ी फैक्ट्री है। वो कहते हैं पूरे देश में उन्होंने टीवी चैनल अखबार और सोशल मीडिया के माध्यम से ऑक्सीजन की किल्लत के बारे में सुना तो उनके दिमाग में सबसे पहले यही आया कि क्यों ना अपने यूनिट की ऑक्सीजन को जरूरतमंदों के नाम कर दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह कहते हैं इसको सोचने और अप्लाई करने में उनको कुछ सेकंड का ही वक्त लगा। योगेश अग्रवाल के मुताबिक, उन्होंने अपने बेटे रोहित और अपनी बेटी गरिमा से बात की और तय हो गया कि सभी जरूरतमंद अस्पतालों और जरूरतमंद मरीजों को उनके प्लांट से निशुल्क ऑक्सीजन दी जाएगी। बस फिर क्या था 17 अप्रैल से उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिले और एनसीआर के इलाकों में रिमझिम इस्पात से फ्री में मेडिकल ऑक्सीजन जाने लगी। इस अभियान में उनकी मदद कानपुर नगर के भाजपा नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की खेल संस्था क्रीड़ा भारती के क्षेत्रीय संयोजक संजीव पाठक बॉबी ने की। वो उन्हें प्रशासनिक मंजूरी के लिए कानपुर के मंडलायुक्त राजशेखर के पास ले गए। उन्होंने हाथों-हाथ प्रशासनिक कार्रवाई पूरी करके ऑक्सिजन आपूर्ति शुरू करा दी।

योगेश अग्रवाल कहते हैं शुरुआती दौर में उनके प्लांट से 1,000 ऑक्सीजन के गैस सिलेंडर दिए जाते रहे धीरे-धीरे उसको बढ़ाकर एक हफ्ते के भीतर ढाई हजार सिलेंडर की आपूर्ति की जाने लगी। योगेश अग्रवाल कहते हैं कि उनके पास चार ऑक्सीजन प्लांट है। 4,000 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर वाली कंपनी ने अपने उत्पादन का पचास फीसदी काम पूरी तरीके से बंद कर दिया है।

करोड़ों रुपये का रोज का प्रोडक्शन बंद होने से नुकसान तो हो रहा होगा, के सवाल पर योगेश अग्रवाल कहते हैं कि वह इस तरीके के नुकसान की कोई परवाह नहीं करते। उनका कहना है मानवता की सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है। आज पूरे देश में जिस तरीके से ऑक्सीजन की किल्लत है और लोग ऑक्सीजन न मिलने पर अपनों को खो रहे हैं ऐसे में उनका एक दायित्व था कि वह हर जरूरतमंद अस्पताल और मरीजों को फ्री में ऑक्सीजन उपलब्ध करा सके। आज पूरे प्रदेश और आसपास के राज्यों में निशुल्क ऑक्सीजन उपलब्ध करवा रहे हैं।

रिमझिम इस्पात के मालिक योगेश अग्रवाल का कहना है, यह ऑक्सीजन पूरी तरीके से निशुल्क दी जा रही है। हालांकि उन्होंने प्रत्येक सिलेंडर पर एक रुपये की कीमत तय की है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि वह एक रुपया सिलेंडर भरवाने आने वाले से वसूला जाए। 

सरकार रियायत दे, जल्द लगा देंगे चार सौ टन का ऑक्सीजन प्लांट
योगेश अग्रवाल कहते हैं कुछ समय पहले उनका रोजाना चार सौ टन ऑक्सीजन उत्पादन वाले प्लांट को लगाने का प्लान था। लेकिन सरकार ने बिजली पर क्रॉस सब्सिडी लगाने की मंजूरी दे दी। इस वजह से बिजली की कीमत बहुत ज्यादा हो गई। नतीजतन उनको अपने इस प्लांट को लगाने का आईडिया ड्रॉप करना पड़ा। योगेश अग्रवाल कहते हैं कि अगर राज्य सरकार उनको अभी भी कुछ रियायत दे दे तो अगले कुछ महीनों में पूरे उत्तर प्रदेश को मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई करने के बराबर का ऑक्सीजन प्लांट तो वह खुद लगा सकते हैं।

उन्होंने बताया इस पूरे प्रोजेक्ट को लगाने में तकरीबन 100 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। जो उनकी कंपनी वहन करने को तैयार है। योगेश अग्रवाल कहते हैं उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री सतीश महाना को एक अर्जी भी दी है। उम्मीद करते हैं जल्द ही राज्य सरकार से उनको अगर ऐसी कोई रियायत मिलती है तो अगले कुछ महीनों में वह प्रदेश का सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट लगा देंगे।
 
पूरे देश में जब मेडिकल ऑक्सीजन का संकट है ऐसे में मरीजों को निशुल्क ऑक्सीजन देना और 100 करोड़ रुपये की लागत से 400 टन के ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने की बात करने वाले योगेश अग्रवाल कहते हैं कि सरकारों को ऑक्सीजन प्लांट के लिए बिजली की दर थोड़ी सस्ती करनी चाहिए। उनका कहना है कुछ साल पहले तक उत्तर प्रदेश में लगभग ढाई दर्जन से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट थे, लेकिन बिजली की बढ़ती कीमतों से यह सारे के सारे प्लांट बंद हो गए। वो कहते हैं राज्य सरकार अगर चाहे तो बिजली सस्ती करके ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट को दोबारा जिंदा किया जा सकता है। जो जरूरत पड़ने पर मरीजों को जिंदगी देंगे।


ऑक्सीजन एक्सप्रेस में इस्तेमाल हुए उनकी कंपनी के चार टैंकर
जब ऑक्सीजन की क्राइसिस मची है तो इस बात का भी पता चल रहा है कि देश में ऑक्सीजन टैंकरो कि भी बहुत कमी है। उत्तर प्रदेश में बोकारो से आए चार ऑक्सीजन टैंकर रिमझिम इस्पात के की है। रिमझिम इस्पात प्रबंधन ने बताया कि उन्होंने अपने चारों टैंकर राज्य सरकार को ऑक्सीजन लाने के लिए दे दिए हैं। उनका कहना है कि इस वक्त उनकी कंपनी और उनके परिवार की ओर से प्रदेश और देश के मरीजों के लिए जितना भी बन पड़ेगा वह करते रहेंगे। उनका कहना है कि ऐसे दौर में जब लोगों की जान जा रही है वह नफा नुकसान नहीं देख रहे। रिमझिम इस्पात के मालिक योगेश अग्रवाल के मुताबिक अगर उनके द्वारा एक मरीज की भी जान बचाई जा रही है तो यह मानवता की दिशा में सबसे बड़ा पुण्य का काम है। वह इस तरीके की मदद आगे भी लगातार निशुल्क करते रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed