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विशेषज्ञों की सलाह: सुरक्षित है टीका चिंता न करें महिलाएं
Mon, 26 Apr 2021 06:44 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 26 Apr 2021 06:44 AM IST
सार
- रिपोर्टों के मुताबिक, मासिक धर्म में टीके के साइड इफेक्ट को लेकर कोई तथ्य मौजूद नहीं है
- साथ ही इससे संतान उत्पत्ति पर फर्क पड़ने के भी सुबूत नहीं है, लिहाजा मासिक धर्म में टीका लेना सुरक्षित है
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कोरोना टीकाकरण (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सोशल मीडिया पर वैक्सीन से मासिक धर्म पर असर का दावा झूठ साबित हुआ है। इसमें महिलाओं को मासिक धर्म से 5 दिन पहले और बाद में टीका न लगवाने की सलाह दी जा रही थी। गर्भपात और संतान उत्पत्ति होने का दावा था। विशेषज्ञों के मुताबिक, कोई तथ्य और आंकड़ा इन दावों को पुष्ट नहीं करता। ये हैं वैक्सीन, माहवारी-गर्भधारण से जुड़े सवाल और जवाब...
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क्या मासिक धर्म के दौरान टीका सुरक्षित है?
वैसे तो दुनिया की हर दवा का थोड़ा बहुत साइड इफेक्ट होता है। वैक्सीन के कारण भी हल्का बुखार, बदन दर्द आम है। लेकिन ठीक है के बाद कुछ महिलाओं ने अपना अनुभव साझा किया है, जिसे मेडिकल विशेषज्ञों ने चिंता की बात नहीं माना। उनका कहना है कि टीके से वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा तंत्र सक्रिय होने के कारण शरीर में कुछ अस्थायी बदलाव हो सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, मासिक धर्म में टीके के साइड इफेक्ट को लेकर कोई तथ्य मौजूद नहीं है। साथ ही इससे संतान उत्पत्ति पर फर्क पड़ने के भी सुबूत नहीं है। लिहाजा मासिक धर्म में टीका लेना सुरक्षित है।
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क्या गलत है ठीके के बाद ज्यादा रक्तस्त्राव की बात
विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन के कुछ दिनों में मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय या उसके भीतरी हिस्से (एंडोमेट्रियम) में रक्तस्त्राव हो सकता है। एंडोमेट्रियम प्रतिरक्षा तंत्र का हिस्सा होता है और इसके सूक्ष्मजीवों की देखभाल में शामिल रहता है। ऐसे वैक्सीन के बाद कोरोनारोधी प्रतिरक्षा बनाने की प्रक्रिया में भी सक्रिय होने की संभावना है। एंडोमेट्रियम की सक्रियता मासिक धर्म में ज्यादा रक्तस्त्राव के पीछे एक वजह हो सकती है। हालांकि कई और पेचीदा वजह भी हो सकती है।
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महामारी में मासिक धर्म बिगड़ने की कोई और वजह भी हो सकती है
चिकित्सकों का कहना है कि महिलाओं में मासिक धर्म में गड़बड़ी के पीछे दूसरी बड़ी संभावना तनाव भी हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि महावारी की शुरुआत से ही कई महिलाओं के मासिक धर्म इसी कारण से गड़बड़ाए हैं। जनवरी में प्रकाशित एक शोध में 28 फ़ीसदी महिलाओं ने यह बात स्वीकार की थी। साथ ही 25 फीसदी ने ज्यादा रक्तस्त्राव होने की बात भी कही थी। ऐसे में सिर्फ कारण ज्यादा रक्तचाप की बात कहना पूरी तरह उचित नहीं है।
महिलाओं को कैसे समझाया जाए?
मासिक धर्म के आसपास टीकाकरण को लेकर महिलाओं को स्पष्ट वैज्ञानिक व्याख्याओं और दिशानिर्देशों की जरूरत है। उन्हें बताया जाना चाहिए कि वह कुछ संभावित बदलावों को लेकर खुद को कैसे तैयार रखें। पर अफवाह फैलाने वालों से महिलाओं को हर कीमत पर बचाना चाहिए। वरना इस डर से टीका न लगवाने वाली महिलाओं में उलटे संक्रमण की आशंका बढ़ जाएगी।
प्रशासन कैसे अपनी भागीदारी निभाएं?
एक मई से जब 18 साल से ऊपर वालों का टीकाकरण शुरू हो तो निचले स्तर तक प्रशासन महिलाओं को उनकी सुरक्षा के लिए वैक्सीन की जरूरत बताए। उन्हें भरोसा दिलाए कि मासिक धर्म में टीका लगवाना पूरी तरह सुरक्षित है और इससे संतान उत्पत्ति की क्षमता पर कोई फर्क नहीं पड़ता।