मुंबई : बढ़ते मामलों को देखते हुए बीएमसी का बड़ा फैसला, मॉल में एंट्री से पहले होगा रैपिड एंटीजन टेस्ट
- मुंबई में मॉल में जाने से पहले दिखानी होगी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट
- मॉल के बाहर रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा मुहैया कराएगी बीएमसी
- कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीएमसी ने लिया फैसला
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मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सरकार ने सख्ती और बढ़ा दी है। मुंबई के लोगों को अब अगर मॉल जाना है तो पहले उन्हें कोरोना का टेस्ट करवाना होगा। बीएमसी ने कहा कि मुंबई में सभी मॉल में कोरोना के टेस्ट सैंपल लेने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा प्रदान की जाएगी।
अतिरिक्त नगर आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि तेजी से बढ़ते मामलों की वजह से बीएमसी ने यह फैसला लिया है। उन्होंने जानकारी दी कि 22 मार्च से सभी मॉलों के लिए स्वैब इकट्ठा करने की सुविधा होना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके लिए एक टीम प्रवेश द्वार पर तैनात की जाएगी।
इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने 31 मार्च तक के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इन गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी थिएटर और सभागार 50 फीसदी की क्षमता के साथ ही खुलेंगे। इसके अलावा बिना मास्क के लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं निजी दफ्तरों को भी 50 फीसदी क्षमता के साथ खोले जाने की अनुमति मिली है।
Govt of Maharashtra issues fresh measures applicable till 31st March 2021, in the wake of rise in #COVID19 cases here.
All drama theatres & auditoriums to operate on 50% capacity, no entry to be allowed without proper wearing of masks. All pvt offices to function at 50% capacity pic.twitter.com/HW73jiOjgg — ANI (@ANI) March 19, 2021
इसके अलावा बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लक्षण वाले किसी मरीज को पहचान पाना मुश्किल है और अगर कोई संक्रमित व्यक्ति भीड़ भाड़ वाले स्थान पर आता है, तो संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है। सुरेश काकानी ने कहा कि मॉल में एंट्री से पहले या तो लोगों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना होगी या फिर टेस्ट के लिए तैयार रहना होगा।
हाल ही में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मॉल के मालिकों के साथ मुलाकात की थी और कोविड के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि राज्य में बढ़ते मामलों का लॉकडाउन समाधान नहीं है।