Corona Alert: इस बार कोरोना प्रोटोकॉल का पहले की तरह नहीं हो रहा पालन, अस्पतालों में कुछ ऐसी है तैयारी
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देश में कोरोना संक्रमण के मामले थमने का नहीं ले रहा है। रोजाना नए मामलों की संख्या बढ़कर करीब दस हजार के पार पहुंच गई है। पिछले साल अगस्त के बाद से कोविड महामारी के दैनिक मामलों की यह सबसे बड़ी संख्या है। लेकिन संक्रमण के केस बढ़ने के बाद भी इस बार अस्पतालों में वैसे हालात नहीं दिख रहे हैं, जैसे कोविड की शुरुआती लहरों के दौरान संक्रमण बढ़ने पर नजर आ रहे थे।
सरकारी और निजी अस्पतालों में हैंड सैनिटाइजर की इक्का-दुक्का बोतलें ही दिख रही हैं और गिने-चुने स्वास्थ्यकर्मी ही मास्क पहने नजर आ रहे हैं। कई अस्पतालों में तो कोविड मरीजों के लिए खास वार्ड तक नहीं बनाए गए हैं। हालांकि कुछ निजी अस्पतालों में कोविड संक्रमण से बचाव के दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन वैक्सीन लेने और कोविड वायरस के नए वैरिएंट के कमजोर प्रभाव के चलते लोगों में वायरस का डर लगभग खत्म हो गया है।
दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भी कोई कोविड वार्ड नहीं है। कोविड के मरीजों के लिए केवल पांच बिस्तर रखे गए हैं। ये सभी बिस्तर अभी भरे हुए हैं। चिकित्सक और एम्स प्रशासन कोविड संक्रमित मरीजों को पास में मौजूद सफदरजंग अस्पताल में बिस्तर का इंतजाम करने को कह रहे हैं। यहां भी बहुत कम संख्या में कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मी मास्क या पीपीई किट पहने देखे जा रहे हैं।
दिल्ली के राजेंद्र नगर क्षेत्र के बड़े निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि कोविड के लिए अब 50 बिस्तरों का वार्ड चला रहे हैं। जल्द ही कोविड के लिए अलग से आईसीयू फिर तैयार किया जाएगा। हमने अंदर आने और बाहर जाने के अलग-अलग दरवाजे बनाए हैं। जरूरत पड़ी तो हम बिस्तरों की संख्या को बढ़ा देंगे। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हॉस्पिटल के कर्मचारियों को मास्क पहनने समेत कोविड से बचाव के सभी निर्देश दे दिए गए हैं। मगर वे ज्यादा समय तक इन बातों का ध्यान नहीं रख रहे है। हालांकि हालात बिगड़े हैं तो हम आपात स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी असामान्य बात थी, मगर अब महामारी सामान्य बात हो गई है। कोविड की दो-तीन लहर झेलने के बाद लोगों का व्यवहार भी खासा बदल गया है। फिलहाल ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई है जो खांसी, सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षणों को अधिक गंभीरता से ले रहे हैं और चिकित्सकों से फौरन मशविरा कर रहे हैं। इस बार मामले बढ़ने के बाद भी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ भले ही नहीं दिख रही है, मगर कुछ चिकित्सकों को कोविड वायरस के लगातार बदलते स्वरूपों की चिंता है। पिछली लहरों में हम कोविड महामारी कितना चलेगी इसका सही आंकलन नहीं कर पाए थे। लेकिन अब हर बार की तरह इस बार भी एहतियात बरतने का वक्त आ गया है। सांस की बात हो या हाथों की सफाई, लापरवाही नहीं बरत सकते।
लगातार बढ़ रही कोरोना की दैनिक संक्रमण दर
भारत में बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 10 हजार 753 नए केस मिले हैं। इसी के साथ देश में अब सक्रिय केसों की संख्या 53 हजार 720 पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में इस दौरान कोरोना से 27 और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही देश में अब तक इस वायरस से जान गंवाने वालों की संख्या 5,31,091 पर पहुंच गई। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में संक्रमण से छह, महाराष्ट्र में चार, राजस्थान में तीन और छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश में एक-एक मौत हुई है। वहीं, केरल ने कोविड-19 से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में छह और नाम जोड़े हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में संक्रमण की दैनिक दर 6.78 फीसदी और साप्ताहिक दर 4.49 फीसदी है। वहीं, कोविड-19 से अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 4,48,08,022 हो गई है। मंत्रालय के अनुसार, देश में संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या कुल मामलों का 0.12 फीसदी है। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.69 फीसदी है। भारत में अब तक कुल 4,42,23,211 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 फीसदी है। भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.66 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।