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Kerala: केरल में भारत माता की तस्वीर पर विवाद, शिक्षा मंत्री शिवनकुट्टी ने राजभवन में कार्यक्रम से किया वॉकआउट

Fri, 20 Jun 2025 05:58 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 20 Jun 2025 05:58 AM IST
सार

केरल में भारत माता की तस्वीर को लेकर विवाद फिर उभरा जब शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने राजभवन कार्यक्रम से वॉकआउट किया। उन्होंने आरएसएस से जोड़कर आपत्ति जताई। राजभवन ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और राज्यपाल का अपमान बताया।

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Controversy over Bharat Mata's picture in Kerala, Education Minister Shivankutty walks out
वी. शिवनकुट्टी - फोटो : Facebook

विस्तार

केरल में भारत माता की तस्वीर को लेकर विवाद बृहस्पतिवार को एक बार फिर उस समय सामने आया, जब राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी राजभवन में आयोजित राज्य सरकार के एक कार्यक्रम को छोड़कर चले गए।
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शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रमों में व्यापक रूप से देखी जाने वाली भारत माता की तस्वीर राज्य सरकार के कार्यक्रम में रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए इसका बहिष्कार किया।
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मंत्री के कार्यक्रम से जाने के बाद, राजभवन ने एक बयान जारी किया, जिसमें राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा, भारत माता को हटाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। इस महीने की शुरुआत में, राज्य के कृषि मंत्री पी. प्रसाद ने भारत माता के चित्र के प्रदर्शन को लेकर राजभवन में पर्यावरण दिवस के कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। इस कदम के कारण भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और राज्यपाल आर्लेकर के बीच विवाद शुरू हो गया था। राज्यपाल ने कहा था कि भारत माता पर कोई समझौता नहीं होगा। एजेंसी
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तस्वीर को लेकर मंत्री शिवनकुट्टी के कार्यक्रम से बाहर निकलने की ताजा घटना मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के राजभवन में भारत माता की तस्वीर के प्रदर्शन की आलोचना करने के एक दिन बाद हुई है। विजयन ने कहा था कि राज्यपाल के कार्यालय का इस्तेमाल आरएसएस के वैचारिक एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

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राज्यपाल का घोर अपमान: राजभवन
तिरूवनंतपुरम। केरल राजभवन ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की मौजूदगी वाले सार्वजनिक कार्यक्रम से सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी के अचानक चले जाने को लेकर बृहस्पतिवार को इसे प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन करार दिया। साथ ही राजभवन ने इसे राज्यपाल के सांविधानिक पद का घोर अपमान बताया।

कार्यक्रम का आयोजन राजभवन में किया गया था और उस वक्त राज्यपाल मंच पर मौजूद थे, जब मंत्री कार्यक्रम से चले गए। राज्य सरकार के कार्यक्रम से शिवनकुट्टी के चले जाने के कुछ घंटों बाद राजभवन ने एक बयान जारी कर उनकी आलोचना की।

शिवनकुट्टी कार्यक्रम के दौरान भारत माता की तस्वीर प्रदर्शित किए जाने के विरोध में वहां से चले गए, क्योंकि ऐसा दावा किया जाता है कि इसका इस्तेमाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने कार्यक्रमों में करता है। राजभवन ने कड़े शब्दों में जारी बयान में कहा कि राज्य के सांविधानिक प्रमुख के रूप में राज्यपाल जन प्रतिनिधियों, विशेषकर मंत्रियों से सर्वोच्च सम्मान पाने के हकदार हैं, जिन्हें राज्यपाल संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाते हैं। 

शिक्षा मंत्री को भारतम्बा का पता न होना दुखद
राजभवन के बयान में मंत्री के अपने भाषण के दौरान की गई टिप्पणी का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि वह मंच पर भारतम्बा के चित्र को नहीं पहचान पाए। बयान में कहा गया है, यह दुख की बात है कि राज्य के शिक्षा मंत्री ने दर्शकों के सामने स्वीकार किया कि भारतम्बा का चित्र से वह परिचित नहीं है।


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शिक्षा मंत्री का पलटवार, कहा- राज्यपाल ने किया संविधान का उल्लंघन
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने उनकी आलोचना किए जाने को लेकर राज्यपाल पर पलटवार किया। उन्होंने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन में आयोजित एक आधिकारिक समारोह को राजनीतिक कार्यक्रम में तब्दील कर संविधान का उल्लंघन किया है।

मंत्री ने यह बात राजभवन के उस बयान के जवाब में कही, जिसमें राज्यपाल आर्लेकर की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में शिवनकुट्टी पर प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। शिवनकुट्टी ने कहा, संविधान और इसकी स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राज्य के सांविधानिक प्रमुख के रूप में, राज्यपाल का दायित्व है कि वह तटस्थ रहें और सार्वजनिक कार्यक्रमों की गरिमा बनाए रखें।
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