फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Controversy: NCPCR seeks response from NCERT on inclusion of Harsh Manders story in textbook, former IAS officer under ED investigation

विवादों में फिर हर्ष मंदर: पूर्व आईएएस अफसर की कहानी पाठ्यपुस्तक में शामिल करने पर विवाद, NCPCR ने मांगा NCERT से जवाब

Tue, 05 Apr 2022 08:46 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 05 Apr 2022 08:46 AM IST
सार

प्रसिद्ध साहित्यकारों व लेखकों की रचनाओं के साथ हर्ष मंदर की इस कहानी को भी पाठ्य पुस्तक में शामिल किया गया है। इसके खिलाफ NCPCR को शिकायत मिली है। 

विज्ञापन
Controversy: NCPCR seeks response from NCERT on inclusion of Harsh Manders story in textbook, former IAS officer under ED investigation
Harsh Mander (फाइल फोटो) - फोटो : social media

विस्तार

पूर्व आईएएस अधिकारी व एक्टिविस्ट हर्ष मंदर की एक कहानी कक्षा नवीं की पाठ्य पुस्तक में शामिल करने को लेकर विवाद छिड़ गया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने इसे लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) से जवाब मांगा है। हर्ष मंदर पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और एक बाल संरक्षण केंद्र (child home) चलाने के मामले में उनके खिलाफ ईडी की जांच चल रही है। 

विज्ञापन


एनसीईआरटी को लिखे एक पत्र में एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा है कि आयोग को कक्षा नवीं की  अंग्रेजी पुस्तक 'मोमेंट्स' में शामिल 'वेदरिंग द स्टॉर्म इन एर्सामा' शीर्षक वाली एक कहानी को लेकर शिकायत मिली है। अन्य प्रसिद्ध साहित्यकारों व लेखकों की रचनाओं के साथ हर्ष मंदर की इस कहानी को भी पाठ्य पुस्तक में शामिल किया गया है। 
विज्ञापन


आयोग को यह है आपत्ति
आयोग ने पत्र में कहा है कि दो अन्य कहानियों 'ए होम आन द स्ट्रीट' और 'पेइंग फॉर हिज टी' को लेकर भी शिकायत मिली है। एनसीपीसीआर का कहना है कि इन कहानियों को देश में बाल संरक्षण के परिदृश्य का बगैर सत्यापन किए पाठ्य पुस्तक में शामिल किया गया है। आयोग ने इस पर परिषद से एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है। आयोग को मिली शिकायत में कहा गया है कि जिस व्यक्ति की एक बाल संरक्षण केंद्र चलाने के मामले में ईडी जांच कर रहा है और जिसमें वह आरोपी है, उसकी कहानी पुस्तक में क्यों शामिल की गई? एनसीईआरटी से जवाब मांगने के साथ ही मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed