छुट्टी न मिलने पर सिपाही ने एसओ को लिखा मैसेज, 'मन करता है दो-चार को गोली मारकर खुद मर जाऊं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ में विवेक हत्याकांड में सिपाहियों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर उपजे आक्रोश और गुरुग्राम की घटना के बाद से पुलिस अफसर सिपाहियों से नरमी बरत रहे हैं। इसी बीच थाना सिरौली में छुट्टी न बढ़ाने से नाराज सिपाही ने थाने के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज पोस्ट कर दिया कि मन करता है दो-चार को गोली मारकर खुद भी मर जाऊं। इसके बाद सिपाही दो दिन के लिए गैरहाजिर हो गया।
चर्चा के बीच पूरा मामला एसएसपी मुनिराज जी. तक पहुंचा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। एसओ को कड़ी फटकार लगाई और मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि सिपाही का कहना है कि व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज उसने नहीं किया है।
एसओ ने रिपोर्ट लिखाने की भी दी चेतावनी
थाना सिरौली में तैनात सिपाही नीरज कुमार को औरैया स्थित अपने पैतृक आवास में लिंटर डलवाना था। इसके लिए उसने एसओ रामऔतार यादव से आठ से 12 अक्तूबर तक पांच दिन की छुट्टी मांगी थी। मगर एसओ ने उसे तीन दिन की छुट्टी दी। तीन दिन में नीरज का काम पूरा नहीं हुआ तो उसने फोन करके एसओ से दो दिन की छुट्टी और बढ़ाने को कहा।
बताते हैं कि इस पर एसओ ने नीरज को काफी खरीखोटी सुनाई और सुबह तक आमद न कराने पर रिपोर्ट लिखाने की चेतावनी दी। इसके कुछ ही देर बाद थाने के व्हाट्सएप ग्रुप ‘दबंग सिरौली पुलिस’ पर मैसेज आया। इसमें छुट्टी न मिलने पर लिखा था, ‘मन करता है दो-चार को गोली मारकर खुद भी मर जाऊं।’ इससे थाने में हड़कंप मच गया।
एसओ को लगाई गई फटकार
नीरज कुमार तीन दिन की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटा और दो दिन गैरहाजिर हो गया। इस पर एसओ ने उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी। इसे थाने के ग्रुप के अलावा सिपाहियों के अन्य व्हाट्सएप ग्रुपों में भी चर्चा शुरू हो गई।
मंगलवार को मामला एसएसपी तक पहुंचा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने एसओ रामऔतार यादव को फोन पर ही कड़ी फटकार लगाई और जांच के निर्देश दिए। सिपाही नीरज कुमार का कहना है कि थाने के ग्रुप में उसने कोई पोस्ट नहीं किया है। इसकी जांच कराई जा सकती है।
गुरुग्राम में छुट्टी न मिलने पर गनर ने जज की पत्नी-बेटे को मार दी थी गोली
13 अक्तूबर को गुरुग्राम के जज कृष्णकांत शर्मा की सुरक्षा में तैनात गनर महिपाल ने उनकी पत्नी रेणुका एवं बेटे ध्रुव को गोली मार दी थी। घटना की जानकारी भी गनर ने खुद ही फोन करके जज को दी थी। घटना में जज की पत्नी रेणुका की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि उनके बेटे के सिर में गोली लगी थी। घटना के बाद कहा गया कि महिपाल चार-पांच दिन से छुट्टी मांग रहा था। छुट्टी न मिलने से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया था।