CWC Meeting: सत्ता में आने पर जाति गणना और आर्थिक सर्वे कराएगी कांग्रेस, बैठक के बाद राहुल गांधी ने किया एलान
CWC Meeting: पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों के बीच कांग्रेस कार्यसमिति की भी बैठक हुई है। इस बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि कांग्रेस की सरकार हर हाल जातीय जनगणना को लागू करेगी।
विस्तार
निर्वाचन आयोग ने आज यानी सोमवार दोपहर 12 बजे एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पांच राज्यों में होने वाले चुनावों का एलान कर दिया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनावों की तारीखों के बारे में विस्तार से बताया। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम तीन दिसंबर को आएंगे। इस बीच, एआईसीसी कार्यालय में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई है। बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस को संबोधित किया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को देशभर में जाति गणना नहीं कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जाति गणना कराने में अक्षम हैं। वह केवल मुद्दे को भटकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज दो हिंदुस्तान बन रहे हैं। एक अदाणी वाला, दूसरा सबका। इसलिए कांग्रेस सत्ता में आने पर जाति गणना और आर्थिक सर्वे कराएगी। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद राहुल ने कहा कि कांग्रेस के चार मुख्यमंत्री हैं, इनमें से तीन ओबीसी हैं, जबकि भाजपा के 10 सीएम हैं और उनमें से एक ओबीसी हैं जो मध्य प्रदेश में चुनाव के बाद नहीं रहेंगे।#WATCH | Congress Working Committee meeting underway at AICC office in Delhi. pic.twitter.com/fp1pd7B97f
— ANI (@ANI) October 9, 2023विज्ञापन
बैठक में ये प्रस्ताव पारित
सीडब्ल्यूसी बैठक में फलस्तीनियों के अधिकारों को समर्थन के अलावा छह अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए।
- सत्ता में आने पर देशव्यापी जाति गणना कराएंगे।
- पार्टी में विधायिका में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित करेगी और इसमें एससी, एसटी और ओबीसी को भी उपयुक्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
- दर्जनों पत्रकारों और लेखकों के खिलाफ कार्रवाई और उन पर आतंकवाद विरोधी कानून लागू किया जाना निंदनीय है।
- मणिपुर में मानवीय त्रासदी और सांविधानिक सरकार का पतन गहरी पीड़ादायक है। पांच महीने से अधिक समय के बाद भी पीएम ने मणिपुर के लोगों को पूरी तरह से छोड़ दिया है और अपनी सांविधानिक जिम्मेदारी से पीछे हट गए हैं।
- आरबीआई के हालिया आंकड़ें निराशाजनक तस्वीर पेश करते हैं, जिसमें बताया गया है कि 2022-23 में भारतीय परिवारों की शुद्ध वित्तीय संपत्ति घटकर 5.1% हो गई है। महंगाई और बेरोजगारी के कारण लाखों भारतीय परिवार अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए पैसे उधार लेने को बाध्य हैं।
- सिक्किम में अचानक बाढ़ से हुई तबाही पर बेहद आहत करने वाली है। इसमें सशस्त्र बलों के कर्मियों सहित समेत तमाम लोगों के जानमाल की क्षति पर पार्टी अपनी गहरी संवेदना जताती है।
जहां-जहां कांग्रेस सरकार, वहां कराएंगे जातीय जनगणना: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "चार घंटे हमारी जातीय जनगणना पर चर्चा हुई। एक ऐतिहासिक निर्णय कांग्रेस कार्यसमिति ने लिया है और आम सहमति से लिया है। कमरे में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं था, जिसने अपना पूरा समर्थन जातीय जनगणना की अवधारण को न दिया हो। काफी खुशी की बात है। हमारे यहां मुख्यमंत्री बैठे हैं। हमारे मुख्यमंत्रियों ने भी फैसला लिया है कि वह भी राजस्थान, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश में जातीय जनगणना को आगे बढ़ाएंगे।"
जातीय जनगणना का 'इंडिया' गठबंधन की पार्टियां करेंगी समर्थन?
कांग्रेस नेता से जब सवाल किया गया कि क्या 'इंडिया' गठबंधन के सभी दल जातीय जनगणना का समर्थन करेंगे। इस पर उन्होंने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में फैसला लिया है कि हम जातीय जनगणना को लागू करेंगे। यही नहीं, यह भी फैसला लिया गया है कि हम भाजपा पर दबाव डालेंगे और उनसे (भी जातीय जनगणना) करवाएंगे। अगर उन्होंने नहीं किया तो उन्हें परे हो जाना चाहिए, क्योंकि देश जातीय जनगणना चाहता है। अब जहां तक 'इंडिया' गठबंधन की बात है..मैं जानता हूं कि कई पार्टियां 'इंडिया' गठबंधन में इस फैसले का समर्थन करेंगी। एक-दो पार्टियां हो सकती हैं जिनकी राय थोड़ी अलग हो। यह हमारे लिए कोई समस्या नहीं है। मगर ज्यादा से ज्यादा पार्टियां इस फैसले का समर्थन करेंगी।"
"जो वादा करते हैं, पूरा करते हैं..."
राहुल गांधी ने आगे कहा, "हिंदुस्तान के भविष्य के लिए जातिगत जनगणना जरूरी है। जातिगत जनगणना के बाद विकास का एक नया रास्ता खुलेगा। कांग्रेस पार्टी इस काम को पूरा करके ही छोड़ेगी। याद रखिए, जब हम वादा करते हैं, तो उसे तोड़ते नहीं हैं।" उन्होंने कहा, "आज दो हिंदुस्तान बन रहे हैं। एक अदाणी वाला, दूसरा सबका। इसलिए हम जाति आधारित गणना के बाद 'आर्थिक सर्वेक्षण' भी कराएंगे।"
जातीय जनगणना के आंकड़े प्रकाशित करेंगे: सिद्धारमैया
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "2014-15 में कर्नाटक राज्य स्थायी पिछड़ा वर्ग आयोग को सभी समुदायों की जाति जनगणना और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करने का काम सौंपा गया था। जब हमारी सरकार का कार्यकाल समाप्त हुआ था, तब तक रिपोर्ट तैयार नहीं थी। अब, हमने स्थायी पिछड़ा वर्ग आयोग के वर्तमान अध्यक्ष से रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है। कांग्रेस सरकार निश्चित रूप से इसे प्रकाशित करेगी।"
जातिगत जनगणना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: सोनिया गांधी
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने सोमवार को पार्टी की कार्य समिति की बैठक में कहा कि वह जातिगत जनगणना के विचार का पूरी तरह समर्थन करती हैं और यह उनकी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी करीब चार घंटे तक चली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में लगभग ढाई घंटे तक उपस्थिति रहीं। इस दौरान उन्होंने जातिगत जनगणना के विचार का पुरजोर समर्थन किया।
'जातिगत जनगणना के विषय पर 100 प्रतिशत साथ'
सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि मैं जातिगत जनगणना के विषय पर 100 प्रतिशत साथ हूं। हमें इसे कराना होगा। यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में जातिगत जनगणना के विषय पर मुख्य रूप से चर्चा की गई और यह भी फैसला किया गया कि इसके लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, जाति जनगणना की आड़ में कांग्रेस समाज को बांटने और राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रही है। प्रधान ने कहा, आजादी से लेकर यूपीए-2 तक कांग्रेस ने जाति गणना का घोर विरोध किया। राहुल पहले यह बताएं जब दशकों से कांग्रेस सत्ता में थी, तब जाति गणना क्यों नहीं करवाई? जाति गणना का सांविधानिक अधिकार केवल केंद्र को है। राहुल केवल भ्रामक बात कर रहे हैं। उन्होंने पूछा क्या यह सच नहीं है कि उनके नेता राजीव गांधी ने मंडल कमीशन के तहत केंद्र सरकार की नौकरियों में पिछड़ों के लिए 27 फीसदी आरक्षण का विरोध किया था? राहुल का नाटक उसी राजनीतिक पाप पर पर्दा डालने की फूहड़ कोशिश है।
कांग्रेस का रिकॉर्ड खराब, फैला रही भ्रम : भूपेंद्र यादव
केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश भाजपा के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव ने कहा कि पूरा देश जानता है कि जनगणना का कार्य केंद्र सरकार का है। इससे राज्य सरकारों का कोई लेना देना नहीं है। यह हकीकत उन दलों व नेताओं को भी पता है, जो जाति जनगणना पर बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस झूठ व भ्रम फैलाने की राजनीति से बाज नहीं आ रही है। भूपेंद्र ने कहा, राहुल स्वयं ओबीसी समाज के बड़े नेताओं को जाति के नाम पर गाली देते रहे हैं। ऐसे में उन्हें कुछ भी कहने से पहले अपना और पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड देखना चाहिए। भाजपा सामाजिक समरसता और सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर विश्वास रखती है। वह समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर विश्वास करती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के जरिये ओबीसी समुदाय तक पहुंच बनाएं। उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ विश्वकर्मा योजना पर समीक्षा बैठक में कही। बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोगों तक पहुंचने की योजना बना रही है। इस समुदाय में विश्वकर्मा योजना के लगभग 80 प्रतिशत लाभार्थी हैं। पार्टी सूत्र ने बताया कि शाह ने विश्वकर्मा योजना की समीक्षा की। उन्होंने योजना के माध्यम से ओबीसी समुदाय तक पहुंचने का मंत्र दिया और कहा कि एक टीम बनाकर योजना के कार्यान्वयन का काम सौंपा जाएगा। अब तक विश्वकर्मा समुदाय के दो लाख लोगों ने योजना के तहत पंजीकरण कराया है।